रिलायंस-बीपी के केजी-डी6 ब्लॉक से गैस उत्पादन जून तिमाही में सात प्रतिशत घटा
रिलायंस-बीपी के केजी-डी6 ब्लॉक से गैस उत्पादन जून तिमाही में सात प्रतिशत घटा
नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी द्वारा संचालित कृष्णा-गोदावरी (केजी-डी6) ब्लॉक से प्राकृतिक गैस का उत्पादन जून, 2026 को समाप्त चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में सालाना आधार पर करीब सात प्रतिशत घटकर 2.48 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन रह गया है।
कंपनी के अनुसार, 2025 की समान अवधि में उत्पादन 2.66 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन (एमएमएससीएमडी) था। कंपनी का कहना है कि 2025 के मध्य में उत्पादन में प्राकृतिक आधार पर गिरावट जारी रही।
इससे पिछली जनवरी-मार्च तिमाही में उत्पादन 2.52 करोड़ मान घनमीटर था।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही के नतीजों की घोषणा के दौरान विश्लेषकों से कहा कि केजी-डी6 के दूसरे चरण की गैस परियोजनाओं का उत्पादन जनवरी-मार्च, 2024 में 3.06 करोड़ मानक घनमीटर प्रतिदिन के शीर्ष पर पहुंचा था। हालांकि, उसके बाद से उत्पादन में लगातार गिरावट आ रही है। तब से उत्पादन करीब 19 प्रतिशत घट चुका है। हालांकि, रिलायंस ने तत्काल यह नहीं बताया कि उत्पादन में गिरावट कब तक जारी रहेगी।
विश्लेषकों के साथ बातचीत के दौरान कंपनी के एक अधिकारी ने कहा कि केजी-डी6 में प्राकृतिक गिरावट जारी है। हालांकि, यह कंपनी के अनुमान से कम है। उन्होंने बताया कि उत्पादन में इस गिरावट की भरपाई के लिए कंपनी ने योजना तैयार की है, जिसके बारे में जल्द जानकारी दी जाएगी।
केजी-डी6 ब्लॉक में रिलायंस इंडस्ट्रीज की 66.67 प्रतिशत और बीपी की 33.33 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इस ब्लॉक में अब तक 19 गैस खोज की जा चुकी हैं। शुरुआती डी-1 और डी-3 गैस क्षेत्रों का उत्पादन फरवरी, 2020 में बंद हो गया था। इसके बाद रिलायंस और बीपी ने लगभग पांच अरब डॉलर का निवेश कर आर-क्लस्टर, सैटेलाइट क्लस्टर और एमजे जैसी गहरे समुद्र की गैस परियोजनाओं को विकसित किया। इन परियोजनाओं से क्रमशः दिसंबर 2020, अप्रैल, 2021 और जून, 2023 में उत्पादन शुरू हुआ।
कंपनी के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में गैस से औसत प्राप्ति कीमत 8.89 डॉलर प्रति इकाई (एमएमबीटीयू) रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 9.97 डॉलर से कम है। वहीं, तेल/कंडन्सेट से औसत प्राप्ति कीमत बढ़कर 107.4 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो एक वर्ष पहले 69.9 डॉलर प्रति बैरल थी।
भारत में वर्तमान में प्राकृतिक गैस की खपत लगभग 20 करोड़ घनमीटर प्रतिदिन की है। एक समय इन तीनों नई परियोजनाओं से देश की कुल गैस मांग का लगभग 15 प्रतिशत पूरा होने की उम्मीद जताई गई थी।
भाषा अजय अजय
अजय

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