रिलायंस रिटेल की ऑनलाइन कारोबार का तेजी से विस्तार करने की योजना

रिलायंस रिटेल की ऑनलाइन कारोबार का तेजी से विस्तार करने की योजना

रिलायंस रिटेल की ऑनलाइन कारोबार का तेजी से विस्तार करने की योजना
Modified Date: July 19, 2026 / 03:41 pm IST
Published Date: July 19, 2026 3:41 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (आरआरवीएल) ने अगले तीन साल में अपने ऑनलाइन कारोबार का तेजी से विस्तार करने की योजना बनाई है। कंपनी जियोमार्ट को मजबूत करने, डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और अपनी ओम्नी-चैनल क्षमताओं को और बेहतर बनाने पर जोर देगी।

कंपनी का मानना है कि इन निवेश का असर आने वाले वर्षों में बेहतर मुनाफे और आय वृद्धि के रूप में दिखाई देगा।

कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) दिनेश तलुजा ने तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद तीन साल की रूपरेखा पेश करते हुए कहा कि कंपनी जियोमार्ट के बुनियादी ढांचे और ओम्नी चैनल की विभिन्न मंचों तक पहुंच बढ़ाने के लिए निवेश करेगी। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी और डार्क स्टोर निवेश के कारण उसके मार्जिन पर दबाव है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारी इस साल अपने ऑनलाइन कारोबार को तेजी से बढ़ाने की योजना है। हम डार्क स्टोर का विस्तार करेंगे। अपने ओम्नी चैनल मंच को आगे बढ़ाएंगे। जियोमार्ट की वृद्धि को तेज करेंगे।’’

उन्होंने बताया कि कंपनी हर बाजार में सकारात्मक ‘यूनिट इकॉनमिक्स’ (प्रति इकाई लाभप्रदता) पर ध्यान केंद्रित कर रही है। यूनिट इकॉनमिक्स यह पता लगाने की प्रक्रिया है कि कंपनी एक चीज बेचकर कितना कमा या गंवा रही है।

उन्होंने कहा कि इसी आधार पर प्रत्येक बाजार का मूल्यांकन कर निवेश की रणनीति तय की जा रही है। साथ ही उत्पादों की उपलब्धता, डिलिवरी की गति और सेवा की विश्वसनीयता में भी सुधार किया जाएगा।

तलुजा के अनुसार, वित्त वर्ष 2027-28 और 2028-29 तक कंपनी का लक्ष्य अपने मौजूदा विस्तार को बेहतर मूल्य में बदलना है। इसके लिए ग्राहकों की दोबारा खरीदारी और खरीदारी की औसत राशि बढ़ाने पर काम किया जाएगा। कंपनी ने अगले तीन वर्षों में अपनी परिचालन कर-पूर्व आय को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान वर्ष में किए जा रहे निवेश का लाभ अगले दो वर्षों में बेहतर मार्जिन और मजबूत नकदी प्रवाह के रूप में मिलेगा। इसके अलावा निजी ब्रांड (प्राइवेट लेबल) की हिस्सेदारी बढ़ाने, मार्केटप्लेस से अधिक आय अर्जित करने और परिचालन दक्षता में सुधार के जरिये लाभप्रदता बढ़ाई जाएगी।

तलुजा ने कहा कि कंपनी का जोर केवल ऑर्डर की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि कारोबार की गुणवत्ता सुधारने पर रहेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि ओम्नी-चैनल रणनीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। ऐसे ग्राहक, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से खरीदारी करते हैं, ऑफलाइन ग्राहकों की तुलना में औसतन 2.7 गुना अधिक खर्च करते हैं। साथ ही उनकी खरीदारी में सालाना 20 से 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

भाषा अजय अजय योगेश

योगेश


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