भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है अफगानिस्तान

भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है अफगानिस्तान

भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना चाहता है अफगानिस्तान
Modified Date: July 19, 2026 / 04:07 pm IST
Published Date: July 19, 2026 4:07 pm IST

काबुल, 19 जुलाई (भाषा) अफगानिस्तान के शीर्ष व्यापारिक संगठन अफगानिस्तान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इन्वेस्टमेंट (एसीसीआई) ने भारत के साथ व्यापार और निवेश संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया है। संगठन ने व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, प्रशासनिक बाधाओं को दूर करने तथा व्यापारिक वीजा जारी करने की प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाने का सुझाव दिया है।

इन मुद्दों पर काबुल में एसीसीआई के चेयरमैन सैयद करीम हाशिमी और अफगानिस्तान में भारत के राजदूत यतिन पटेल के बीच बैठक हुई। एसीसीआई के अनुसार, दोनों पक्षों ने रणनीतिक एवं कूटनीतिक संवाद के तहत व्यापार, निवेश और दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की।

यह बैठक ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान के माध्यम से अफगानिस्तान का पारगमन व्यापार तेजी से घटा है। वित्त वर्ष 2020-21 में जहां यह लगभग पांच अरब अमेरिकी डॉलर था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में यह घटकर 36.7 करोड़ अमेरिकी डॉलर रह गया है। इसके चलते अफगानिस्तान ने ईरान सहित वैकल्पिक व्यापारिक मार्गों पर अधिक ध्यान देना शुरू किया है।

भारत भी ईरान के चाबहार बंदरगाह के माध्यम से अफगानिस्तान के साथ संपर्क और व्यापार को मजबूत कर रहा है। यह मार्ग पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए भारत को अफगानिस्तान तक सीधी पहुंच उपलब्ध कराता है। भारत और अफगानिस्तान के बीच वर्ष 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 90.78 करोड़ डॉलर रहा था।

बैठक में सैयद करीम हाशिमी ने कृषि उत्पादों, हस्तशिल्प, खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अफगानिस्तान के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए बाजारों तक पहुंच, लॉजिस्टिक ढांचे में सुधार और व्यापारिक वीजा प्रक्रिया को आसान बनाने जैसे सुझाव भी दिए।

भारतीय राजदूत यतिन पटेल ने इन प्रस्तावों का स्वागत करते हुए कहा कि भारत इन क्षेत्रों में सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच संयुक्त व्यापार प्रदर्शनी, विशेष व्यापारिक मंचों और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडलों के आदान-प्रदान की योजना पर कार्य किया जा रहा है।

बैठक के अंत में दोनों पक्षों ने व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचा विकास के क्षेत्रों में स्थायी सहयोग को आगे बढ़ाने तथा पारदर्शिता, दक्षता और पारस्परिक लाभ के आधार पर दीर्घकालिक आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर सहमति व्यक्त की।

भाषा अजय अजय योगेश

योगेश


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