डब्ल्यूटीओ में भारत की विदेश नीति समीक्षा के लिए इस सप्ताह जिनेवा जाएंगे वाणिज्य सचिव

डब्ल्यूटीओ में भारत की विदेश नीति समीक्षा के लिए इस सप्ताह जिनेवा जाएंगे वाणिज्य सचिव

डब्ल्यूटीओ में भारत की विदेश नीति समीक्षा के लिए इस सप्ताह जिनेवा जाएंगे वाणिज्य सचिव
Modified Date: July 19, 2026 / 04:30 pm IST
Published Date: July 19, 2026 4:30 pm IST

नयी दिल्ली, 19 जुलाई (भाषा) वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल इस सप्ताह भारत की आठवीं व्यापार नीति समीक्षा रिपोर्ट में भाग लेने के लिए जिनेवा जा रहे हैं। एक अधिकारी ने बताया कि वह भारतीय अधिकारियों के एक दल का नेतृत्व कर रहे हैं, जो विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) के मुख्यालय में आयोजित समीक्षा प्रक्रिया में शामिल होगा।

अधिकारी के अनुसार, भारत की व्यापार नीति समीक्षा रिपोर्ट इसी महीने जारी की जाएगी। डब्ल्यूटीओ की व्यापार नीति समीक्षा में सदस्य देशों की व्यापार नीतियों और व्यवहार का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। इसके अलावा, इसमें व्यापार नीति से जुड़ी इकाइयों और देश की व्यापक आर्थिक स्थिति का भी विश्लेषण शामिल होता है।

डब्ल्यूटीओ के नियमों के अनुसार, किसी सदस्य देश की समीक्षा की अवधि उसके वैश्विक व्यापार में योगदान के आधार पर तय की जाती है। दुनिया के चार सबसे बड़े व्यापारिक समूहों-यूरोपीय संघ, अमेरिका, चीन और जापान की समीक्षा प्रत्येक तीन वर्ष में होती है। वहीं, अगले 16 बड़े व्यापारिक देशों की समीक्षा पांच वर्ष में एक बार की जाती है, जिसमें भारत भी शामिल है। अन्य सदस्य देशों की समीक्षा सात वर्ष के अंतराल पर होती है।

डब्ल्यूटीओ के गठन से जुड़े मारकेश समझौते के तहत व्यापार नीति समीक्षा तंत्र का उद्देश्य बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने में मदद करना और सदस्य देशों की व्यापार नीतियों में पारदर्शिता बढ़ाना है।

डब्ल्यूटीओ के विश्व व्यापार आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2005 से 2024 के बीच वैश्विक व्यापार में भारत की हिस्सेदारी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इस दौरान वैश्विक वस्तु निर्यात में भारत की हिस्सेदारी एक प्रतिशत से बढ़कर 1.8 प्रतिशत हो गई है, जबकि वाणिज्यिक सेवाओं के निर्यात में हिस्सेदारी दो प्रतिशत से बढ़कर 4.3 प्रतिशत पर पहुंच गई है।

भाषा अजय अजय योगेश

योगेश


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