वैश्विक चुनौतियां उद्योग जगत को सजग करने वाली, दक्ष और उत्पादक बनने की जरूरत: गोयल

वैश्विक चुनौतियां उद्योग जगत को सजग करने वाली, दक्ष और उत्पादक बनने की जरूरत: गोयल

वैश्विक चुनौतियां उद्योग जगत को सजग करने वाली, दक्ष और उत्पादक बनने की जरूरत: गोयल
Modified Date: May 12, 2026 / 07:51 pm IST
Published Date: May 12, 2026 7:51 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को कहा कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियां घरेलू उद्योगों को सजग करने वाली हैं, ताकि वे आत्मनिर्भर और उत्पादक बनें, मुक्त व्यापार समझौतों का बेहतर उपयोग करें और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयात पर निर्भरता कम करें।

उन्होंने कहा कि दुनिया एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रही है क्योंकि पश्चिम एशिया में युद्ध ने निश्चित रूप से वैश्विक व्यापार और निवेश प्रवाह को बाधित किया है, लेकिन इस ‘कठिन समय’ में भारत के पास दूसरों से आगे निकलने का एक बड़ा अवसर है।

मंत्री ने उद्योग मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सालाना व्यापार सम्मेलन में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने देशवासियों को एक स्पष्ट आह्वान किया है और अब सामूहिक कार्रवाई का समय है।’’

गोयल ने कहा कि भारत ने लगातार संकट को अवसर में बदला है और प्रतिकूल परिस्थितियों में हमेशा मजबूत होकर उभरा है।

उन्होंने कहा, ‘‘वर्तमान वैश्विक स्थिति को भारत के लिए एक ‘चेतावनी’ के रूप में देखा जाना चाहिए ताकि वह अधिक कुशल, उत्पादक और आत्मनिर्भर बन सके।’’

मंत्री ने इलेक्ट्रिक वाहनों को तेजी से अपनाने का आह्वान किया क्योंकि इससे देश के तेल खर्च में भारी कमी आएगी।

उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे और परिवहन में सरकार का भारी निवेश और उद्योग के आयात खर्च को कम करने के लिए जारी प्रयास, चाहे वे किसी भी रूप में हों, देश को मजबूत बनाएंगे। ‘‘मुझे चिंता करने का कोई कारण नहीं दिखता। मेरा मानना ​​है कि हमें सशक्त होने की आवश्यकता है।’’

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद और विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों का आह्वान किया था।

उन्होंने हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा की एक रैली को संबोधित करते हुए पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कार ‘पूलिंग’ करने, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का अधिक उपयोग करने और घर से काम करने का सुझाव दिया।

गोयल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री ने लोगों को व्यापारिक यात्राएं बंद करने के लिए नहीं कहा है, बल्कि उपभोग और अवकाश खर्च में कटौती करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘कृपया व्यापार के लिए दुनिया भर में जाएं, अधिक पैसा कमाने के लिए खर्च करें, देश में अधिक विदेशी मुद्रा लाएं, निर्यात ऑर्डर प्राप्त करें, दुनिया भर में प्रतिनिधिमंडलों का नेतृत्व करें। आपको 2,000 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को प्राप्त करना है।’’

गोयल ने कहा कि यदि देश में सोने की मांग को कम करने की कोई योजना है, तो ‘‘मुझे इस विषय की जानकारी नहीं है क्योंकि यह मुझसे संबंधित नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय उद्योग को एक-दूसरे का समर्थन करना सीखना चाहिए, ठीक उसी तरह जैसे जापान और दक्षिण कोरिया में कंपनियां संचालित होती हैं।

मंत्री ने कहा कि अब एक-दूसरे का समर्थन करना अत्यावश्यक हो गया है। ‘‘अवसरों का पूरा लाभ उठाने का यही सही समय है।’’

गोयल ने उद्योग जगत से कृत्रिम मेधा, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग का उपयोग विकास और प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एआई को केवल लागत कम करने के साधन के रूप में नहीं, बल्कि व्यापार विस्तार, दक्षता और बाजार विकास के साधन के रूप में देखा जाना चाहिए।

भाषा रमण अजय

अजय


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