मुंबई, 29 अप्रैल (भाषा) वैश्विक स्तर पर सोने की मांग जनवरी-मार्च तिमाही में सालाना आधार पर दो प्रतिशत बढ़कर 1,231 टन हो गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) ने बुधवार को जारी अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी।
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर तनाव और ऊंची कीमतों के बीच सोने की छड़ों और सिक्कों में निवेश में 42 प्रतिशत की तेज वृद्धि इस बढ़ोतरी का प्रमुख कारण रही।
डब्ल्यूजीसी की 2026 की पहली तिमाही में स्वर्ण मांग रुख शीर्षक से जारी रिपोर्ट के मुताबिक कुल तिमाही मांग बढ़कर 1,231 टन हो गई, जो 2025 की समान अवधि में 1,205 टन थी।
हालांकि मात्रा में वृद्धि सीमित रही, लेकिन मांग का मूल्य 74 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 193 अरब डॉलर तक पहुंच गया।
जनवरी-मार्च तिमाही के दौरान सोने की औसत कीमत 81 प्रतिशत बढ़कर 4,873 डॉलर प्रति औंस हो गई, जो पिछले वर्ष 2025 की इसी अवधि में 2,860 डॉलर प्रति औंस थी।
डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय मुख्य कार्यपालक अधिकारी (भारत) सचिन जैन ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘वैश्विक तनाव के कारण दुनियाभर के खुदरा निवेशक सोने की कीमतों की तेजी और इसके सुरक्षित निवेश को लेकर आकर्षित हुए, जिससे छड़ों और सिक्कों की मांग 42 प्रतिशत बढ़ गई। वैश्विक परिस्थितियों और मौजूदा वैश्विक अनिश्चितता के बीच छड़ों और सिक्कों के माध्यम से बढ़ी खपत ने सोने की सुरक्षित निवेश वाली छवि को और मजबूत किया है।’
चीन में छड़ों और सिक्कों की मांग 67 प्रतिशत बढ़कर रिकॉर्ड 207 टन हो गई, जो 2013 की दूसरी तिमाही के 155 टन के पिछले रिकॉर्ड से काफी अधिक है।
भारत, दक्षिण कोरिया और जापान जैसे अन्य एशियाई बाजारों में भी इस श्रेणी की मांग बढ़ी, जिससे सोने की मांग के ढांचे में बदलाव का रुझान और मजबूत हुआ। अमेरिका और यूरोप में भी यह मांग क्रमशः 14 प्रतिशत और 50 प्रतिशत बढ़ी।
भाषा योगेश रमण
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