आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोना 8,550 रुपये चढ़ा, चांदी ने लगाई 20,500 रुपये की छलांग

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आयात शुल्क बढ़ने के बाद सोना 8,550 रुपये चढ़ा, चांदी ने लगाई 20,500 रुपये की छलांग

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 04:39 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 04:39 PM IST

नयी दिल्ली, 13 मई (भाषा) सरकार के बहुमूल्य धातुओं पर आयात शुल्क 15 प्रतिशत किए जाने के बाद बुधवार को स्थानीय बाजार में सोने की कीमत 8,550 रुपये बढ़कर 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर पहुंच गई।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी की कीमत 20,500 रुपये बढ़कर 2,97,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई, जो कल 2,77,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) थी। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 8,550 रुपये या पांच प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1,65,350 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) हो गया। इसका पिछला बंद भाव 1,56,800 रुपये प्रति 10 ग्राम था।

सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है जबकि प्लैटिनम पर इसे 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 15.4 प्रतिशत किया गया है। इसके परिणामस्वरूप सोने/चांदी के डोरे, सिक्के, अन्य वस्तुएं आदि पर भी कर में बदलाव किए गए हैं। ये नए शुल्क बुधवार से लागू हो गए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पश्चिम एशिया संकट के मद्देनजर विदेशी मुद्रा बचाने के लिए ईंधन के विवेकपूर्ण उपयोग, सोने की खरीद एवं विदेश यात्रा को स्थगित करने जैसे उपायों के आह्वान के बाद यह घोषणा की गई है।

स्थानीय कारोबारियों ने कहा कि बढ़े हुए शुल्क का वास्तविक प्रभाव आने वाले दिनों में तब दिखाई देगा जब यह खरीद लागत में परिलक्षित होने लगेगा।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख (जिंस) हरीश वी. ने कहा, ‘‘ भारत में सोने पर आयात शुल्क में हालिया बढ़ोतरी से स्थानीय कीमतें बढ़ने एवं भौतिक मांग पर अस्थायी असर पड़ने की संभावना है। हालांकि, निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है। वैश्विक अनिश्चितता तथा घरेलू मुद्रा दबाव के समय सोना सुरक्षित निवेश के रूप में आकर्षक बना रहता है।’’

विश्लेषकों ने कहा कि कमजोर रुपये ने भी बहुमूल्य धातुओं की कीमतों को बढ़ाया है।

विदेशी मुद्रा निकासी और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों की चिंता के बीच रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.80 के निचले स्तर तक गिर गया।

भारत बहुमूल्य धातुओं का दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है और हाल के महीनों में निवेश सहित मांग में लगातार वृद्धि के कारण कीमतों में तेजी आई है।

रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद ने हालांकि आगाह किया कि सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने से आयात कम नहीं होता, बल्कि कीमतें बढ़ती हैं।

आभूषण खुदरा विक्रेताओं ने कहा कि आयात शुल्क बढ़ाने के बजाय सोने-चांदी के आयात पर मात्रात्मक अंकुश लगाना देश के चालू खाते के घाटा (कैड) को नियंत्रित करने का अधिक प्रभावी तरीका होगा।

वैश्विक बाजार में बुधवार को ब्रेंट कच्चा तेल 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर कारोबार कर रहा था।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना हालांकि 0.3 प्रतिशत टूटकर 4,700.86 डॉलर प्रति औंस पर आ गया, जबकि चांदी एक प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 87.45 डॉलर प्रति औंस हो गई।

भाषा निहारिका अजय

अजय