रुपया 95.80 के सर्वकालिक निचले स्तर तक टूटने के बाद 95.67 प्रति डॉलर पर बंद

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रुपया 95.80 के सर्वकालिक निचले स्तर तक टूटने के बाद 95.67 प्रति डॉलर पर बंद

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  • Publish Date - May 13, 2026 / 04:53 PM IST,
    Updated On - May 13, 2026 / 04:53 PM IST

मुंबई, 13 मई (भाषा) रुपया बुधवार को कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 95.80 पर पहुंच गया। हालांकि मामूली सुधार के साथ अंत में 95.67 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप एवं सोने के आयात पर शुल्क बढ़ाए जाने से रुपये का निचले स्तर पर समर्थन मिला।

कारोबारियों के मुताबिक, रुपया इस साल एशिया की सबसे कमजोर प्रदर्शन करने वाली मुद्रा बन गया है और इसमें अब तक छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट आ चुकी है। महंगा कच्चा तेल, मजबूत अमेरिकी डॉलर और पश्चिम एशिया संकट को लेकर बढ़ती चिंताएं इसकी मुख्य वजह हैं।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.52 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें काफी उतार-चढ़ाव रहा और यह एक समय 95.80 प्रति डॉलर तक गिर गया। अंत में रुपया 95.67 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद स्तर से एक पैसा अधिक है।

रुपया मंगलवार को 40 पैसे टूटकर 95.68 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ था।

कोटक सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख (जिंस एवं मुद्रा) अनिंद्या बनर्जी ने कहा, ‘‘ डॉलर के मुकाबले रुपये के 95.60 के आसपास बने रहना ऊंचे कच्चे तेल के दाम और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के दबाव को दर्शाता है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का सक्रिय हस्तक्षेप और आयात शुल्क बढ़ने से सोने के आयात में आई कमी रुपये में और कमजोरी को सीमित करने में मदद कर सकती है। भविष्य में रुपये की स्थिति सोने की बजाय कच्चे तेल की कीमतों और पश्चिम एशिया की स्थिति पर अधिक निर्भर करेगी। ’’

भारत सरकार ने सोना और चांदी के आयात शुल्क को छह प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इसका मकसद इन धातुओं की विदेशी खरीद कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना है।

कारोबारियों का मानना है कि इससे देश में सोने की मांग कम हो सकती है। भारत, दुनिया में बहुमूल्य धातुओं का दूसरा सबसे बड़ा उपभोक्ता है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को लोगों से विदेशी मुद्रा बचाने के लिए एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील की थी।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.22 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.51 पर पहुंच गया।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, महंगाई को लेकर चिंता और अमेरिका-ईरान के बीच तनाव के कारण रुपये में कमजोरी बनी रह सकती है। हालांकि, आरबीआई का हस्तक्षेप निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकता है। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.45 से 96.15 के दायरे में रह सकता है।’’

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.44 प्रतिशत की गिरावट के साथ 107.30 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

घरेलू शेयर बाजार में बीएसई सेंसेक्स 49.74 अंक की मामूली बढ़त के साथ 74,608.98 अंक पर जबकि निफ्टी 50 33.05 अंक मजबूत होकर 23,412.60 अंक पर बंद हुआ।

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 1,959.39 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

भाषा योगेश निहारिका

निहारिका