Reported By: Vijendra Pandey
,Bargi Cruise Accident Update/Image Credit: IBC24.in
Bargi Cruise Accident Update: जबलपुर: पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले जबलपुर के बरगी क्रूज़ हादसे में, आईबीसी-24 की ख़बर पर मुहर लगी है। क्रूज़ के पायलट के बयान के आधार पर, सबसे पहले हमने आपको बताया था कि पर्यटन विभाग के जिस क्रूज़ के डूबने से 13 लोगों की मौत हो गई उसके इंजन में ख़राबी थी। अब बरगी के बोट क्लब मैनेजर सुनील मरावी का वो पत्र भी सामने आ गया है जो उसने हादसे के 2 माह पहले लिखा था और क्रूज़ का इंजन ख़राब होने की बात कई बार दोहराई थी।
बोट क्लब मैनेजर ने ये पत्र, पर्यटन विभाग के क्षेत्रीय प्रबंधक को लिखा था जिससे साफ हो गया है कि खटारा हो चुके क्रूज़ को चलाने से ही 4 बच्चों सहित 13 सैलानियों की जान चली गई थी। इस पत्र में बोट मैनेजर ने साफ लिखा है कि क्रूज़ 20 साल पुराना हो चुका है जिसमें बार-बार सुधार के बाद भी खराबी आ जाती है। (Bargi Cruise Accident Update) पत्र में खुलासा किया गया है कि, 14 जनवरी 2025 को भी पर्यटकों से भरे क्रूज़ का इंजन सीज़ हो गया था जिसे बड़ी मुश्किल से मोटर बोट्स के सहारे किनारे पर लाया गया था। पत्र में हैदराबाद बोट बिल्डर कंपनी से हुए पत्राचार का भी हवाला दिया गया है जिससे ये क्रूज 2006 में खरीदा गया था। मैनेजर ने इसमे खुलासा किया है कि बोट बिल्डर कंपनी ने भी क्रूज़ के इंजन आउटडेटेड और खराब हो जाने की बात कहकर इंजन बदलने की सलाह दी है।
Bargi Cruise Accident Update: बोट क्लब मैनेजर ने इस पत्र में साल 2025 में तीन बार अप्रैल, अगस्त और नवंबर में भी खराब इंजन को लेकर लिखे गए पत्रों का हवाला दिया है। मैनेजर ने पर्यटन विभाग के अधिकारियों को इस पत्र में चेताया भी था कि खराब मौसम, तेज हवा और लहरों के बीच इस खटारा क्रूज़ को चलाने से कभी भी हादसा हो सकता है लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अधिकारियों ने ना तो क्रूज़ का खराब इंजन बदलवाया और ना ही इस खटारा क्रूज़ का संचालन रुकवाया। नतीजा ये हुआ कि 30 अप्रैल की शाम तेज हवा-तूफान के बीच ये क्रूज़ बरगी बांध में 13 पर्यटकों की जान लेकर समा गया। (Bargi Cruise Accident Update) बड़ी बात ये है कि राज्य सरकार ने इस पत्र को लिखने वाले बोट क्लब मैनेजर को ही सस्पैंड कर दिया है जबकि क्रूज़ पायलट और हैल्पर को बर्खास्त किया गया है, वहीं हादसे से पहले चेतावनी भरे पत्र पर ध्यान ना देने वालों पर कोई कानूनी कार्यवाई नहीं की गई है।
बड़ी गंभीर बात तो ये भी है कि जिन अधिकारियों ने बोट क्लब मैनेजर द्वारा लिखे गए इस पत्र पर कोई ध्यान नहीं दिया था। उन्होने इस हादसे के बाद, रेस्क्यू ऑपरेशन की आड़ में क्रूज़ के इंजन पर हथौड़े चलवाए ताकि खराब इंजन के सुबूतों को मिटाया जा सके। हांलांकि खुद खड़े होकर मजदूरों से क्रूज़ का इंजन तुड़वाते पर्यटन विभाग के अधिकारी कैमरे में भी कैद हो गए थे जिन पर अब कार्यवाई का इंतज़ार है। (Bargi Cruise Accident Update) उम्मीद है कि बरगी बांध हादसे की जांच के लिए गठित किया गया जस्टिस संजय दिवेदी आयोग पर्यटन विभाग की इस गंभीर और जानलेवा लापरवाही पर भी संज्ञान लेगा।
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