गूगल ने ‘हिंदवेयर’ ट्रेडमार्क मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की

गूगल ने ‘हिंदवेयर’ ट्रेडमार्क मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की

गूगल ने ‘हिंदवेयर’ ट्रेडमार्क मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील की
Modified Date: July 10, 2026 / 06:36 pm IST
Published Date: July 10, 2026 6:36 pm IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) प्रौद्योगिकी कंपनी गूगल ने सैनिटरीवेयर ब्रांड हिंदवेयर के ट्रेडमार्ग का इस्तेमाल अपने ऐडवर्ड्स कार्यक्रम के लिए कीवर्ड के तौर पर करने पर ट्रेडमार्ग उल्लंघन का दोषी ठहराए जाने के आदेश के खिलाफ शुक्रवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर की।

न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव और न्यायमूर्ति मनमीत पी.एस. अरोड़ा की पीठ ने गूगल की अपील पर हिंदवेयर को नोटिस जारी किया और मामले की सुनवाई 24 जुलाई के लिए सूचीबद्ध की।

पीठ ने फिलहाल एकल पीठ के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए कहा, “हम इसे 24 जुलाई को अंतिम निस्तारण के लिए सुनेंगे।”

गूगल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी पेश हुए और 30 लाख रुपये हर्जाने के भुगतान के निर्देश पर अंतरिम रोक लगाने का अनुरोध किया। उन्होंने दलील दी कि एकल न्यायाधीश का फैसला पूर्व के निर्णयों और वैश्विक प्रचलनों के अनुरूप नहीं है।

गौरतलब है कि 22 मई को एकल न्यायाधीश ने गूगल को ‘हिंदवेयर’ के ट्रेडमार्क को ऐडवर्ड्स कार्यक्रम में कीवर्ड के रूप में इस्तेमाल करने पर 30 लाख रुपये हर्जाना देने का निर्देश दिया था।

हिंदवेयर लिमिटेड की तरफ से दायर दो वादों पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा था कि ट्रेडमार्क को कीवर्ड के रूप में इस्तेमाल करना ट्रेडमार्क अधिनियम के तहत ‘अनुचित लाभ’ की श्रेणी में आता है। अदालत ने गूगल एलएलसी और गूगल इंडिया को ‘हिंदवेयर’ या उससे जुड़े अन्य शब्दों को विज्ञापन कीवर्ड के रूप में इस्तेमाल करने से भी रोका था।

अदालत ने यह भी कहा था कि गूगल द्वारा प्रतिस्पर्धी कंपनियों को वादी के ट्रेडमार्क के जरिए उपभोक्ताओं तक पहुंचने की अनुमति देना ‘अनुचित व्यापार व्यवहार’ है और इससे वादी के प्रतिष्ठित ट्रेडमार्क की साख का फायदा उठाया गया।

साथ ही, अदालत ने पाया था कि गूगल ने अपने ऐडवर्ड्स कार्यक्रम के तहत वादी के पंजीकृत ट्रेडमार्क को अन्य संस्थाओं को उपलब्ध कराने से पहले कोई पूर्व अनुमति नहीं ली थी।

उच्च न्यायालय ने यह भी कहा था कि इस तरह ट्रेडमार्क की नीलामी और बिक्री सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(1) के तहत मिलने वाले ‘सुरक्षित पनाह’ संरक्षण के दायरे में नहीं आती।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम

प्रेम


लेखक के बारे में