सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत चना, सरसों, मसूर की खरीद को मंजूरी दी

सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत चना, सरसों, मसूर की खरीद को मंजूरी दी

सरकार ने मूल्य समर्थन योजना के तहत चना, सरसों, मसूर की खरीद को मंजूरी दी
Modified Date: February 24, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: February 24, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कहा कि सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के तहत चना, सरसों और मसूर की खरीद को मंजूरी दे दी है।

इसके साथ ही उन्होंने राज्यों से 31 मार्च से पहले प्रमुख कृषि योजनाओं के तहत उपलब्ध केंद्रीय धनराशि का पूर्ण और समयबद्ध उपयोग सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

चौहान ने 11 राज्यों के कृषि मंत्रियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता करते हुए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) और कृषि उन्नति योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

उन्होंने कहा, “वित्त वर्ष अब खत्म होने के करीब है। ऐसे में यह जरूरी है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को उपलब्ध कराई गई धनराशि का समय पर, सही तरीके से और किसानों के सर्वोत्तम हित में उपयोग हो।”

रबी 2026 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत महाराष्ट्र में 7.61 लाख टन, मध्य प्रदेश में 5.8 लाख टन, राजस्थान में 5.53 लाख टन और गुजरात में 4.13 लाख टन चने की खरीद को मंजूरी दी गई है।

सरसों की खरीद के लिए राजस्थान को 13.78 लाख टन, मध्य प्रदेश को 6.01 लाख टन और गुजरात को 1.33 लाख टन की स्वीकृति दी गई है।

मूल्य समर्थन योजना को उस समय लागू किया जाता है जब अधिसूचित दालों, तिलहनों और खोपरा की बाजार कीमतें प्रमुख कटाई सत्र के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे चली जाती हैं।

इस बैठक में चौहान ने दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद 2030-31 तक पूर्व-पंजीकृत किसानों से केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से किए जाने की भी घोषणा की।

बैठक में महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, हरियाणा, केरल, असम, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड और त्रिपुरा के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


लेखक के बारे में