सरकार ने चीन से आयातित कुछ सीमलेस ट्यूब, पाइप पर डंपिंग रोधी शुल्क जनवरी 2027 तक बढ़ाया

Ads

सरकार ने चीन से आयातित कुछ सीमलेस ट्यूब, पाइप पर डंपिंग रोधी शुल्क जनवरी 2027 तक बढ़ाया

  •  
  • Publish Date - July 10, 2026 / 01:23 PM IST,
    Updated On - July 10, 2026 / 01:23 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जुलाई (भाषा) भारत ने सस्ते आयात से घरेलू विनिर्माताओं की सुरक्षा के लिए चीन से आयातित कुछ सीमलेस ट्यूब तथा पाइप पर लगाए गए डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि 27 जनवरी, 2027 तक बढ़ा दी है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की एक अधिसूचना में दी गई है।

‘लोहे, मिश्रधातु या गैर-मिश्रधातु इस्पात के सीमलेस ट्यूब, पाइप और खोखले प्रोफाइल’ पर यह शुल्क पहली बार 28 अक्टूबर, 2021 को पांच वर्ष के लिए लगाया गया था।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने एक अधिसूचना में संशोधन करते हुए कहा कि डंपिंग रोधी शुल्क की अवधि ‘‘ 27 जनवरी, 2027 तक (उस दिन सहित) बढ़ाई जाती है, जब तक कि इसे पहले निरस्त, प्रतिस्थापित या संशोधित नहीं किया जाता।’’

मौजूदा डंपिंग रोधी शुल्क 961.33 डॉलर से 1,610.67 डॉलर प्रति टन के बीच है।

सीबीआईसी ने मलेशिया, दक्षिण अफ्रीका और अमेरिका से निर्यात किए जाने वाले ‘नॉर्मल ब्यूटानॉल’ या ‘एन-ब्यूटिल अल्कोहल’ के आयात पर डंपिंग रोधी शुल्क को भी पांच वर्ष तक जारी रखने की घोषणा की है।

इसका उपयोग रसायन, पेंट, चिपकाने वाले पदार्थ (एडहेसिव) और कोटिंग सहित विभिन्न क्षेत्रों में किया जाता है।

डंपिंग रोधी उपाय निष्पक्ष व्यापार सुनिश्चित करने और घरेलू उद्योग को समान प्रतिस्पर्धी अवसर उपलब्ध कराने के लिए किए जाते हैं।

इन उपायों का उद्देश्य आयात पर रोक लगाना या उत्पादों की लागत में अनुचित वृद्धि करना नहीं है।

भाषा निहारिका

निहारिका