Reported By: Niharika sharma
,Jitu Patwari brother Nana drugs Case: 'हां मैं तीन साल पहले ड्रग्स लेता था...' प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई ने मीडिया के सामने किया कबूल, देखिए वीडियो / Image: IBC24 Original
इंदौर: Jitu Patwari brother Nana drugs Case पुलिस की कार्रवाई के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। पुलिस की कार्रवाई के बाद जीतू पटवारी के भाई पहली बार मीडिया के सामने आए और खुद पर लगे सभी आरोपों को खारिज किया। उन्होंने दावा किया कि उन्हें बिना किसी ठोस वजह के हिरासत में लिया गया और पूरे दिन शहर में घुमाने के बाद रात में छोड़ दिया गया। दूसरी ओर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस कार्रवाई को सरकार की बदले की राजनीति बताते हुए मुख्यमंत्री पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया।
Jitu Patwari brother Nana drugs Case दरअसल ड्रग्स मामले में पूछताछ के लिए पुलिस ने मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी को हिरासत में लिया था। वहीं, पुलिस हिरासत से बाहर आने के बाद नाना पटवारी ने मीडिया के सामने आकर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि इस मामले में जिन लोगों को पुलिस ने पकड़ा है, उनसे उनकी इस विषय में कोई बातचीत या संबंध नहीं है। उनका कहना है कि जिस समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया, उस समय वे अपनी गाड़ी सर्विसिंग के लिए देने जा रहे थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें थाने लाकर सिर्फ नाम पूछा गया और इसके अलावा कोई जानकारी नहीं दी गई। हिरासत में लेने की वजह पूछने पर पुलिस ने सिर्फ इतना कहा कि “पता चल जाएगा।”
नाना का दावा है कि पुलिस उन्हें पूरे दिन शहर में अलग-अलग जगह लेकर घूमती रही और रात में थाने लाकर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उनसे संजय कौशल और इरफान के बारे में पूछताछ की। दोनों को उन्होंने कांग्रेस का कार्यकर्ता बताया, जिन्होंने चुनाव के दौरान पार्टी के लिए काम किया था। उन्होंने यह भी कहा कि उनके साथ मानव गंगवाल को भी हिरासत में लिया गया था। स्कॉर्पियो वाहन को लेकर उठ रहे सवालों पर उन्होंने कहा कि जिस स्कॉर्पियो की चर्चा हो रही है, वह संजय कौशल की है। उसमें जो भी सामान मिला है, उससे उनका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने पुलिस के सभी आरोपों का सिरे से खंडन करते हुए कहा कि उन्हें झूठा फंसाया जा रहा है।
इस दौरान उन्होंने अपने पुराने नशे की लत को लेकर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वे तीन साल पहले तक ड्रग्स का सेवन करते थे, लेकिन उसके बाद उन्होंने पूरी तरह नशा छोड़ दिया और पिछले तीन वर्षों से किसी भी तरह के नशे से दूर हैं। उनका कहना था कि यदि उन्होंने अपने जीवन में कोई गलती की थी तो उसे स्वीकार कर सुधार भी लिया है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनकी सबसे बड़ी गलती सिर्फ इतनी है कि वे मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई हैं।
उधर, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके भाई के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। पटवारी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार विपक्ष को दबाने के लिए सरकारी एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मध्य प्रदेश को बदले की राजनीति का प्रदेश न बनने दिया जाए। उनका आरोप था कि सरकार ने एक बार फिर सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण पेश किया है।
जीतू पटवारी ने कहा कि उनके भाई किसी भी आपराधिक मामले में शामिल नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई पर पहले दर्ज हुए मामले किसान आंदोलन से जुड़े रहे हैं और उन्हें आपराधिक मामलों से जोड़कर पेश करना गलत है। पटवारी ने कहा कि उनका परिवार किसी भी जांच से भाग नहीं रहा है। यही वजह है कि वे खुद मीडिया के सामने आए और अपना पक्ष रखा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके भाई ने पहले ड्रग्स लेने की बात कभी नहीं छिपाई। उन्होंने स्वयं इसे स्वीकार किया है और पिछले तीन वर्षों से नशे से पूरी तरह दूर हैं। पटवारी ने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपनी पुरानी गलती स्वीकार कर चुका है और अपना जीवन बदल चुका है, तब उसे राजनीतिक कारणों से निशाना बनाना उचित नहीं है। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस और कांग्रेस के दावे एक-दूसरे के आमने-सामने हैं। एक ओर पुलिस अपनी कार्रवाई को कानून के दायरे में बता रही है, जबकि दूसरी ओर कांग्रेस इसे राजनीतिक प्रतिशोध और सत्ता के दुरुपयोग का मामला बता रही है। अब इस पूरे प्रकरण में जांच आगे बढ़ने के साथ यह देखना अहम होगा कि पुलिस किन सबूतों के आधार पर अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाती है और इस मामले में आगे क्या नए तथ्य सामने आते हैं। फिलहाल इस मामले में पुलिस और कांग्रेस दोनों अपने-अपने दावों पर कायम हैं।