(New EPFO Rules 2026/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: New EPFO Rules 2026: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने नौकरीपेशा लोगों के लिए EPF नियमों में कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का मकसद PF से जुड़ी जटिल प्रक्रियाओं को आसान बनाना और कर्मचारियों की रिटायरमेंट सेविंग को मजबूत करना है। नए नियमों (New EPFO Rules 2026) के बाद PF निकासी, एडवांस क्लेम और पेंशन से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, इनका सीधा असर करोड़ों PF खाताधारकों पर पड़ेगा।
पहले PF से एडवांस पैसा निकालने के लिए 13 अलग-अलग कारण और नियम मौजूद थे। अब इन्हें सरल बनाकर सिर्फ तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें बीमारी, शादी और शिक्षा तथा घर या अन्य विशेष जरूरतें शामिल हैं। इससे कर्मचारियों को अलग-अलग नियमों को समझने की परेशानी कम होगी और जरूरत के समय पैसा निकालने की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
नए नियमों के तहत (New EPFO Rules 2026) अब कर्मचारी केवल 12 महीने की नौकरी पूरी करने के बाद भी जरूरत पड़ने पर PF एडवांस ले सकते हैं। पहले इसके लिए ज्यादा समय तक नौकरी करने की शर्तें थीं। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 10 बार और शादी के लिए 5 बार तक एडवांस लेने की सुविधा दी गई है। इससे कर्मचारियों को जरूरी खर्चों के समय आर्थिक मदद मिल सकेगी।
EPFO ने रिटायरमेंट सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए PF बैलेंस के 25% हिस्से को सुरक्षित रखने का नियम लागू किया है। इसका मतलब है कि कर्मचारी अपना पूरा PF पैसा एडवांस के रूप में नहीं निकाल पाएंगे। विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि नौकरी के दौरान जमा की गई राशि का कुछ हिस्सा भविष्य और रिटायरमेंट के लिए सुरक्षित रहे।
अगर किसी कर्मचारी की नौकरी चली जाती है तो वह एक महीने के अंदर अपने PF बैलेंस का 75% हिस्सा निकाल सकता है। बाकी 25% राशि 12 महीने तक बेरोजगार रहने के बाद निकाली जा सकेगी। वहीं, पूरा PF पैसा रिटायरमेंट, विदेश में स्थायी रूप से बसने या गंभीर अपंगता जैसी विशेष परिस्थितियों में ही निकाला जा सकेगा।
एम्प्लॉई पेंशन स्कीम (EPS) में भी बदलाव (New EPFO Rules 2026) किया गया है। अब नौकरी छोड़ने के बाद पेंशन राशि निकालने के लिए 36 महीने का इंतजार करना होगा ताकि लोग पेंशन फंड को जल्दी खत्म न करें। इसके अलावा EPFO ने डिजिटल क्लेम प्रक्रिया को भी तेज किया है। बीमारी, पढ़ाई और शादी जैसे मामलों में अब क्लेम का निपटारा जल्दी हो सकेगा। 5 लाख रुपये तक के क्लेम ऑटो-सेटल हो सकेंगे और बैंक पासबुक या कैंसिल चेक जैसी अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत कम होगी।