सरकार ने ‘नेट मीटरिंग’, खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए छूट अवधि दिसंबर तक बढ़ाई

सरकार ने ‘नेट मीटरिंग’, खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए छूट अवधि दिसंबर तक बढ़ाई

सरकार ने ‘नेट मीटरिंग’, खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए छूट अवधि दिसंबर तक बढ़ाई
Modified Date: July 18, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: July 18, 2026 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, 18 जुलाई (भाषा) सरकार ने एएलएमएम-दो के तहत नेट मीटरिंग और खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए छूट की समयसीमा बढ़ाकर 31 दिसंबर, 2026 कर दी है।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने स्पष्ट किया कि सौर पीवी सेल के लिए मॉडल और विनिर्माता की स्वीकृत सूची (एएलएमएम)-दो के क्रियान्वयन को लेकर कोई बदलाव नहीं किया गया है।

‘नेट मीटरिंग’ एक बिलिंग प्रणाली है जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली से उत्पन्न बिजली में से अतिरिक्त बिजली ग्रिड को वापस भेजने के लिए क्रेडिट मिलती है।

मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एएलएमएम नीति में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। सरकार ने केवल कुछ चुनिंदा सौर परियोजनाओं के लिए दिसंबर 2026 तक अतिरिक्त राहत अवधि उपलब्ध कराई है।

एमएनआरई ने कहा कि सौर पीवी सेल के लिए एएलएमएम सूची-द्वितीय लागू करने संबंधी केंद्र सरकार की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया है और सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए एएलएमएम सूची-द्वितीय की अनिवार्यता में कोई व्यापक छूट नहीं दी जाएगी।

हालांकि, नेट मीटरिंग परियोजनाओं और खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए सीमित अवधि की सुविधा दी गई है। इसके तहत ऐसी परियोजनाएं 31 दिसंबर, 2026 तक एएलएमएम सूची-द्वितीय (सौर पीवी सेल) से छूट के साथ शुरू की जा सकेंगी।

इससे पहले नेट मीटरिंग और खुली पहुंच नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के सीमित वर्ग के लिए यह सुविधा 31 मई, 2026 तक उपलब्ध थी।

मंत्रालय ने कहा कि इस कदम से स्वतंत्र सौर पीवी मॉड्यूल विनिर्माताओं को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि इससे पहले से किए गए निवेश और उपलब्ध भंडार को अतिरिक्त मांग के जरिये संरक्षण मिलेगा।

मंत्रालय ने कहा कि इससे इन विनिर्माताओं को एएलएमएम सूची-द्वितीय में शामिल सौर सेल विनिर्माताओं से सेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा। एएलएमएम सूची-द्वितीय में शामिल सौर सेल विनिर्माताओं की क्षमता लगातार बढ़ रही है।

एमएनआरई ने कहा कि भारत को सौर पीवी विनिर्माण में आत्मनिर्भर बनाने और वैश्विक मूल्य शृंखला में एक प्रमुख भागीदार के रूप में स्थापित करने के सरकार के प्रयासों में सौर पीवी विनिर्माण महत्वपूर्ण क्षेत्र बना हुआ है।

भाषा योगेश रमण

रमण


लेखक के बारे में