सरकार ने 2026-27 के सत्र के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 275 रुपये बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल किया

सरकार ने 2026-27 के सत्र के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 275 रुपये बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल किया

सरकार ने 2026-27 के सत्र के लिए कच्चे जूट का एमएसपी 275 रुपये बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल किया
Modified Date: February 24, 2026 / 04:25 pm IST
Published Date: February 24, 2026 4:25 pm IST

नयी दिल्ली, 24 फरवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार को विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 275 रुपये बढ़ाकर 5,925 रुपये प्रति क्विंटल करने को मंजूरी दे दी।

यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) द्वारा प्रधानमंत्री के नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ में अपनी पहली बैठक में लिया गया।

नया न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) यह सुनिश्चित करेगा कि किसानों को देशभर में औसत उत्पादन लागत से 61.8 प्रतिशत अधिक लाभ मिलेगा।

सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘विपणन सत्र 2026-27 के लिए घोषित कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य इस सिद्धांत के अनुरूप है कि एमएसपी देशभर में औसत उत्पादन लागत का कम से कम 1.5 गुना हो, जैसा कि सरकार ने बजट 2018-19 में घोषित किया था।’’

उन्होंने कहा कि विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट के एमएसपी में पिछले विपणन सत्र 2025-26 की तुलना में 275 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने कच्चे जूट का एमएसपी बढ़ाकर 2026-27 में 5,925 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो वित्त वर्ष 2014-15 में 2,400 रुपये प्रति क्विंटल था।

वित्त वर्ष 2014-15 से 2025-26 की अवधि के दौरान जूट उत्पादक किसानों को भुगतान की गई एमएसपी राशि 1,342 करोड़ रुपये थी, जबकि 2004-05 से 2013-14 की अवधि के दौरान यह 441 करोड़ रुपये थी।

भाषा योगेश अजय

अजय


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