सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए उठा रही प्रभावी कदम: शाह

सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए उठा रही प्रभावी कदम: शाह

सरकार किसानों की समृद्धि, कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिए उठा रही प्रभावी कदम: शाह
Modified Date: May 25, 2026 / 08:51 pm IST
Published Date: May 25, 2026 8:51 pm IST

नयी दिल्ली, 25 मई (भाषा) केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार किसानों की समृद्धि और कृषि के आधुनिकीकरण के लिए प्रभावी उपाय कर रही है।

सोमवार को आयोजित इफको की 55वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के अवसर पर अपने लिखित संदेश में, शाह ने देश के सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने के लिए इंडियन फार्मर्स फर्टिलाइजर कोऑपरेटिव लिमिटेड (इफको) के प्रयासों की सराहना की, और उर्वरक तथा कृषि क्षेत्र के विकास में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को भी सराहा।

यह संदेश इफको द्वारा एक सोशल मीडिया मंच पर साझा किया गया है।

शाह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत सरकार वर्ष 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के लक्ष्य को साकार करने के लिए किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र के आधुनिकीकरण की दिशा में लगातार प्रभावी कदम उठा रही है।’’

उन्होंने सरकार की पीएम-किसान और डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं पर प्रकाश डाला।

मंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे अभिनव उत्पादों की शुरुआत ने उर्वरक क्षेत्र में भारत की वैश्विक स्थिति को मजबूत किया है, साथ ही किसानों को कम लागत पर उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने में मदद की है।

इस बीच, एक बयान में इफको के चेयरमैन दिलीप संघानी ने इफको की निरंतर सफलता के पीछे की सामूहिक शक्ति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों, किसानों और पेशेवर कर्मचारियों के अटूट समर्थन और समर्पण ने इफको को दुनिया के अग्रणी सहकारी संस्थानों में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

इफको ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष में उसने 4,585 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। इस वर्ष इफको के कर्मचारियों के लिए 490.65 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन की घोषणा की गई है।

बयान में कहा गया, ‘‘निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए 20,000 रुपये के न्यूनतम वेतन की घोषणा की गई है, जिसके लिए 140 करोड़ रुपये के अतिरिक्त बजट रखा गया है।’’

एजीएम में पूरे भारत से 850 से अधिक सहकारी नेताओं, सदस्य समितियों, किसानों के प्रतिनिधियों और अंशधारकों ने भाग लिया।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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