सरकार ने एसीसी बैटरियों के लिए 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को अधिसूचित किया

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सरकार ने एसीसी बैटरियों के लिए 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना को अधिसूचित किया

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  • Publish Date - June 21, 2021 / 02:15 PM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:49 PM IST

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) सरकार ने एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरियों से संबंधित उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना को अधिसूचित कर दिया है। इस योजना के तहत प्रोत्साहन सिर्फ उन कंपनियों को मिलेगा जिन्हें एक पारदर्शी व्यवस्था में एसीसी बैटरी स्टोरेज पर राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत उत्पादन क्षमता का आवंटन किया गया है।

भारी उद्योग मंत्रालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार यह प्रोत्साहन उद्योग के परंपरागत बैटरी पैक खंड को नहीं मिलेगा, क्योंकि इस तरह की विनिर्माण गतिविधियां देश में पहले से हो रही हैं।

सरकार ने मई में एसीसी बैटरियों के विनिर्माण के लिए अनुमानत: 18,100 करोड़ रुपये की पीएलआई योजना की घोषणा की थी।

एसीसी नयी पीढ़ी की एडवांस्ड एनर्जी स्टोरेज प्रौद्योगिकियां है। यह इलेक्ट्रिक एनर्जी को इलेक्ट्रोकेमिकल या केमिकल एनर्जी के रूप में स्टोर कर सकती है और जरूरत होने पर इसे वापस इलेक्ट्रिक एनर्जी में बदल सकती है। अभी एसीसी की पूरी मांग को आयात के जरिये पूरा किया जाता है।

अधिसूचना के अनुसार, लाभार्थी कंपनी को कम से कम पांच गीगावॉट घंटे (जीडब्ल्यूएच) एसीसी विनिर्माण क्षमता स्थापित करने की प्रतिबद्धता जतानी होगी। प्रत्येक लाभार्थी कंपनी के लिए वार्षिक नकद सब्सिडी की सीमा 20 जीडब्ल्यूएच होगी।

यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एसीसी बैटरी स्टोरेज कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा है। इस प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत लाभार्थी को कम से कम 25 प्रतिशत घरेलू मूल्य वर्धन भी सुनिश्चित करना होगा और दो साल के भीतर 225 करोड़ रुपये का अनिवार्य निवेश भी करना होगा। घरेलू मूल्य वर्धन को पांच साल के भीतर बढ़ाकर 60 प्रतिशत तक पहुंचाना होगा। जहां एकीकृत इकाई होगी वहां मूल इकाई में यह मूल्य वर्धन होगा अथवा ‘हब एण्ड स्पोक’ ढांचे में यह परियोजना को स्तर पर किया जा सकेगा।

इसमें कहा गया है कि प्रतिबद्ध घरेलू मूल्य वर्धन और एसीसी की वास्तविक बिक्री शुरू होने पर प्रोत्साहन वितरण शुरू कर दिया जायेगा।

भाषा अजय

अजय महाबीर

महाबीर