इस टीम में हार के डर के लिए कोई जगह नहीं है: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर

Ads

इस टीम में हार के डर के लिए कोई जगह नहीं है: भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर

  •  
  • Publish Date - July 22, 2026 / 06:44 PM IST,
    Updated On - July 22, 2026 / 06:44 PM IST

हरारे, 22 जुलाई (भाषा) भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर चाहते हैं कि उनकी टीम के खिलाड़ी निडर होकर क्रिकेट खेलें और आलोचनाओं के दबाव में नहीं आएं।

उन्होंने कहा कि इंग्लैंड दौरे के निराशाजनक नतीजों ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैच की टी20 श्रृंखला से पहले टीम को और करीब ला दिया है।

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ सीमित ओवरों के दौरे में भारतीय टीम एक भी जीत दर्ज नहीं कर सकी। हालांकि अय्यर ने कहा कि टीम ने अपनी कमजोरियों को पहचान लिया है और सुधार पर काम कर रही है।

जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच की पूर्व संध्या पर अय्यर ने कहा, ‘‘इंग्लैंड में हमारा समय मुश्किल भरा रहा, लेकिन उससे कई सकारात्मक चीजें भी सामने आईं। हमें पता चला कि आगे बढ़ने के लिए एक टीम के रूप में हमें क्या तैयार करना है, मैदान पर उतरने के बाद किस तरह की मानसिकता, जागरूकता और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की जरूरत है। ’’

इंग्लैंड और आयरलैंड के खिलाफ श्रृंखला कप्तान के तौर पर अय्यर का पहला दौरा भी था।

पहली बार जिम्बाब्वे दौरे पर आए अय्यर ने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती कम समय में परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘हममें से कुछ खिलाड़ी यहां पहली बार खेल रहे हैं इसलिए जितनी जल्दी हम परिस्थितियों को समझेंगे, उतने ही बेहतर परिणाम हासिल कर पाएंगे। ’’

अय्यर ने टीम के युवा खिलाड़ियों से कहा कि हालिया आलोचनाओं के बावजूद उन्हें असफलता के डर के बिना खेलना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि उन्हें असफलता से डरना चाहिए। जब आपके दिमाग में ऐसे विचार होते हैं तो आप खुद को बचाने के लिए खेलते हैं। जब डर नहीं होता, तब आप अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें इस बात के बारे में ज्यादा नहीं सोचना चाहिए कि बाहर लोग क्या कह रहे हैं। हमें वर्तमान पर ध्यान देना होगा। जितना अच्छा क्रिकेट हम खेलेंगे और एक इकाई के रूप में जितना बेहतर प्रदर्शन करेंगे, टीम के लिए उतना ही अच्छा होगा।’’

कप्तान ने माना कि इंग्लैंड से सीधे जिम्बाब्वे पहुंचने और केवल एक अभ्यास सत्र के बाद मैच खेलने की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह निश्चित रूप से बहुत चुनौतीपूर्ण है। हम कल यहां पहुंचे, आज अभ्यास है और कल मैच है। लेकिन यह मजेदार भी है। अगर आप ऐसी परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो आपको खुद पर निश्चित रूप से गर्व महसूस होगा।’’

अय्यर ने कहा कि आयरलैंड, इंग्लैंड और अब जिम्बाब्वे के विदेशी दौरों ने टीम को काफी अनुभव दिया है।

उन्होंने कहा, ‘‘नतीजे हमारे पक्ष में नहीं रहे, लेकिन इससे टीम एक-दूसरे के और करीब आई है। हम इस बारे में काफी चर्चा कर रहे हैं कि आगे एक इकाई के रूप में किस तरह खेलना है।’’

अय्यर ने कहा, ‘‘ऐसा अनुभव बार-बार नहीं मिलता। यह एक चुनौतीपूर्ण दौर है और जितनी जल्दी आप इससे बाहर निकलते हैं, उतनी ही बेहतर टीम बनते हैं।’’

इकतीस वर्षीय अय्यर ने जिम्बाब्वे की टीम की तारीफ करते हुए कहा कि वह एक प्रतिस्पर्धी टीम है और उसके कई खिलाड़ियों के पास आईपीएल का अनुभव भी है।

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी टीम शानदार है और उनका लाइनअप अच्छा है। उनके कुछ खिलाड़ी आईपीएल भी खेल चुके हैं, इसलिए उनके पास काफी अनुभव है।’’

अपनी चोट से वापसी के बारे में अय्यर ने कहा कि ‘रिहैबिलिटेशन’ के दौर ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनाया।

उन्होंने कहा, ‘‘इसने मुझे एक खिलाड़ी के रूप में और ज्यादा आत्मविश्वास से भर दिया है। जब आप चोट के दौर से बाहर निकलते हैं तो मानसिक रूप से काफी सकारात्मक हो जाते हैं। मैदान पर आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने का भरोसा बढ़ जाता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, लेकिन जितनी जल्दी आप अपनी गलतियों का विश्लेषण करके उस पर अमल करते हैं, टीम के लिए उतना ही बेहतर होता है।’’

पंद्रह वर्षीय वैभव सूर्यवंशी का पदार्पण उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा था। अय्यर ने कहा कि इंग्लैंड और आयरलैंड के अनुभव से सूर्यवंशी और टीम के अन्य युवा खिलाड़ी और समझदार हुए होंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘सभी युवा खिलाड़ियों ने निश्चित रूप से अभ्यास किया होगा। टी20 श्रृंखला के बाद उन्हें अच्छा खासा समय मिला है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जहां वैभव से गलती हुई होगी, उसने उसे जरूर सुधारा होगा। इसलिए व्यक्तिगत रूप से मुझे उसे ज्यादा सलाह देने की जरूरत नहीं है।’’

भाषा नमिता सुधीर

सुधीर

ताजा खबर