पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखने वाले घरों को चिह्नित कर रही सरकार
पीएनजी और एलपीजी दोनों कनेक्शन रखने वाले घरों को चिह्नित कर रही सरकार
नयी दिल्ली, 30 अप्रैल (भाषा) सरकार रसोई गैस पर दी जाने वाली सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने और पात्र उपभोक्ताओं तक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए एलपीजी और पीएनजी दोनों कनेक्शन रखने वाले घरों को चिह्नित कर रही है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम (एस्मा) के तहत 14 मार्च को जारी अधिसूचना में एलपीजी आपूर्ति एवं वितरण आदेश, 2000 में संशोधन करते हुए पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं के लिए घरेलू एलपीजी कनेक्शन रखना या या उसे भराने को प्रतिबंधित कर दिया था।
मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बृहस्पतिवार को एक अंतर-मंत्रालयी संवाददाता सम्मेलन में कहा कि दोहरा गैस कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं का आकलन किया जा रहा है। अब तक 43,000 से अधिक ऐसे उपभोक्ता अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर चुके हैं।
उन्होंने कहा, ‘हालांकि यह संख्या अपेक्षा से कम है। हमें यह आंकड़ा अधिक होने की उम्मीद है।’
संशोधित आदेश के अनुसार, पीएनजी कनेक्शन रखने वाले उपभोक्ताओं को अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन तत्काल सरेंडर करना होगा। इसके अलावा पीएनजी कनेक्शन धारकों को नया एलपीजी कनेक्शन लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है।
इसके साथ ही सरकारी तेल कंपनियों और उनके वितरकों को ऐसे उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन देने या सिलेंडर भरने से मना किया गया है।
यह कदम उन घरों के लिए एलपीजी आपूर्ति को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से उठाया गया है, जिनके पास पाइपयुक्त रसोई गैस (पीएनजी) की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
पश्चिम एशिया संघर्ष से ऊर्जा आपूर्ति पर बने वैश्विक दबाव के बीच भारत के लिए अपने गैस आवंटन को नए सिरे से समायोजित करना पड़ रहा है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल, 50 प्रतिशत प्राकृतिक गैस और 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है।
मौजूदा हालात में सरकार ने नए एलपीजी कनेक्शन जारी करने पर भी फिलहाल रोक लगा दी है।
भाषा प्रेम
प्रेम रमण
रमण

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