सरकार मेटा के साथ बैठक में सीएसएएम, प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई का मुद्दा उठाएगी

सरकार मेटा के साथ बैठक में सीएसएएम, प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई का मुद्दा उठाएगी

सरकार मेटा के साथ बैठक में सीएसएएम, प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई का मुद्दा उठाएगी
Modified Date: August 4, 2026 / 01:23 pm IST
Published Date: August 4, 2026 1:23 pm IST

नयी दिल्ली, चार अगस्त (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन ने मंगलवार को कहा कि सरकार मेटा के वैश्विक दल के साथ बैठक में बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) से निपटने में खामियों और प्रमुख खातों पर अनुचित कार्रवाई सहित कई मुद्दे उठाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी होने के नाते मेटा को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि उसकी प्रणालियां अपेक्षित तरीके से काम करें।

कृष्णन ने कहा कि मेटा का वैश्विक दल पांच और छह अगस्त को भारत में रहेगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में प्रश्नपत्र लीक के मामलों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन देते हुए मेटा संचालित सोशल मीडिया मंच फेसबुक पर एक वीडियो साझा किया था। इसे कुछ समय के लिए मंच से हटा दिए जाने के बाद सरकार ने मेटा के शीर्ष वैश्विक अधिकारियों को तलब किया है।

सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर सशुल्क विज्ञापनों के माध्यम से बाल यौन शोषण एवं दुरुपयोग सामग्री प्रसारित होने के मामलों को लेकर भी मेटा नियामकीय जांच के दायरे में है। इस मुद्दे पर सरकार पहले कंपनी को नोटिस भी जारी कर चुकी है।

कृष्णन ने आईआईटी मद्रास और जोश टॉक्स एआई द्वारा विकसित स्वतंत्र मल्टीमॉडल एआई मूल्यांकन मंच की शुरुआत के लिए आयोजित कार्यक्रम से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘ कई मुद्दे हैं… सीएसएएम का मामला उठाया गया था, इसलिए इस संबंध में क्या कदम उठाए गए हैं, कृत्रिम रूप से तैयार की गई सामग्री को किस हद तक देखा जा रहा है। इसके अलावा, प्रमुख व्यक्तियों के सत्यापित खातों पर यदि कोई सामग्री हटानी हो तो उसके लिए पर्याप्त सुरक्षा उपाय होने चाहिए… ये सभी मुद्दे उठाए जाएंगे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हम उनसे (मेटा से) यह समझना चाहेंगे कि इनमें से कुछ चीजें अपेक्षित तरीके से क्यों काम नहीं कर रही हैं और इसमें क्या चुनौतियां हैं।’’

कृष्णन ने कहा कि दुनिया की अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों में शामिल मेटा के पास इन समस्याओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए प्रौद्योगिकी क्षमता होनी चाहिए।

भाषा निहारिका

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