EPF Wage Ceiling Increased: पुरानी 15,000 रुपये सीमा गई, अब 25 हजार की लिमिट से नौकरीपेशा की जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए फायदा होगा या नुकसान

EPF Wage Ceiling Increased: PF कटौती की सीमा 15 हजार से बढ़कर 25 हजार रुपये होने से ज्यादा कर्मचारी पेंशन योजना से जुड़ सकेंगे। इससे मौजूदा सैलरी में थोड़ी कमी आ सकती है। लेकिन लंबे समय से रिटायरमेंट फंड बढ़ेगा और भविष्य में ज्यादा पेंशन का फायदा भी मिलेगा।

EPF Wage Ceiling Increased: पुरानी 15,000 रुपये सीमा गई, अब 25 हजार की लिमिट से नौकरीपेशा की जेब पर पड़ेगा सीधा असर, जानिए फायदा होगा या नुकसान

(EPF Wage Ceiling Increased/ Image Credit: AI-generated)

Modified Date: August 4, 2026 / 11:49 am IST
Published Date: August 4, 2026 11:43 am IST
HIGHLIGHTS
  • PF लिमिट ₹15,000 से बढ़कर हुई ₹25,000।
  • ज्यादा कर्मचारी अब PF और पेंशन से जुड़ेंगे।
  • इन-हैंड सैलरी थोड़ी कम, लेकिन बचत ज्यादा होगी।

नई दिल्ली: EPF Wage Ceiling Increased: सरकार ने प्रोविडेंड फंड (PF) से जुड़ा बड़ा बदलाव किया है। जिसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों की मासिक सैलरी और रिटायरमेंट फंड पर पड़ेगा। लंबे समय बाद PF की वेज सीलिंग लिमिट (EPF Wage Ceiling Increased) को 15,000 रुपये बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब ज्यादा कर्मचारी PF और पेंशन योजना (EPS) के दायरे में आ सकेंगे। हालांकि, शुरुआत में हाथ में मिलने वाली सैलरी थोड़ी कम हो सकती है। लेकिन भविष्य में इसका फायदा बड़ा मिलेगा।

पुरानी और नई PF लिमिट में क्या बदला?

पहले नियम के अनुसार, जिन कर्मचारियों की बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता मिलाकर 15,000 रुपये तक (EPF Wage Ceiling Increased) होता था उनका PF कटना जरूरी था। 15,000 रुपये से ज्यादा बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए PF कटवाना अनिवार्य नहीं था। अब नई लिमिट 25,000 रुपये होने के बाद 15,001 रुपये से 25,000 रुपये तक बेसिक सैलरी पाने वाले कर्मचारी भी PF के दायरे में आ जाएंगे। इससे उन्हें बचत के साथ पेंशन का लाभ भी मिलेगा।

इन-हैंड सैलरी होगी कम, लेकिन बढ़ेगा फायदा

PF में ज्यादा योगदान जाने के कारण हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी कुछ कम हो सकती है। कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 फीसदी हिस्सा PF खाते में जमा होता है और कंपनी भी अपनी ओर से 12 फीसदी योगदान देती है। यानी आज की छोटी कटौती भविष्य में बड़ी बचत में बदल सकती है। रिटायरमेंट के समय एक बड़ी रकम मिलने के साथ मासिक पेंशन का लाभ भी बढ़ सकता है।

उदाहरण से समझिए कितना बदलेगा पैसा

अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 22,000 रुपये है तो पहले वह PF के दायरे में नहीं था। अब नई लिमिट के बाद उसका PF कटेगा। 22,000 रुपये का 12 फीसदी यानी 2,640 रुपये हर महीने कर्मचारी के वेतन से जमा होंगे। कंपनी भी अपना योगदान देगी, जिससे PF खाते में हर महीने कुल 5,280 रुपये तक जमा हो सकते हैं।

25 हजार सैलरी वालों पर भी पड़ेगा असर

मान लीजिए किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 25,000 रुपये है। पहले उसका PF 15,000 रुपये की सीमा के हिसाब से 1,800 रुपये कटता था। नई व्यवस्था में 25,000 रुपये पर 12 फीसदी के हिसाब से 3,000 रुपये कटेंगे। यानी कर्मचारी की इन-हैंड सैलरी 1,200 रुपये कम होगी, लेकिन कंपनी का योगदान भी बढ़ेगा और भविष्य की बचत मजबूत होगी।

लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

यह बदलाव कई कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट सुरक्षा बढ़ाने (EPF Wage Ceiling Increased) वाला साबित हो सकता है। इससे वे लोग भी PF और पेंशन योजना से जुड़ जाएंगे जो पहले सीमा के कारण बाहर थे। हालांकि, कंपनियों और सरकार पर भी अतिरिक्त वित्तीय बोझ बढ़ेगा। क्योंकि PF में कंपनी और सरकार दोनों का योगदान शामिल होता है। नई व्यवस्था से कर्मचारियों की लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी।

इन्हें भी पढ़ें:


सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्नः

लेखक के बारे में

मैं 2018 से पत्रकारिता में सक्रिय हूँ। हिंदी साहित्य में मास्टर डिग्री के साथ, मैंने सरकारी विभागों में काम करने का भी अनुभव प्राप्त किया है, जिसमें एक साल के लिए कमिश्नर कार्यालय में कार्य शामिल है। पिछले 7 वर्षों से मैं लगातार एंटरटेनमेंट, टेक्नोलॉजी, बिजनेस और करियर बीट में लेखन और रिपोर्टिंग कर रहा हूँ।