नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश के ‘फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (एफसीवी)’ किस्म के तंबाकू उत्पादकों के लिए एक बार दी जाने वाली प्रति खलिहान 50,000 रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण मंजूर किया है। वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
फ्लू-क्योर्ड वर्जीनिया (एफसीवी) तंबाकू मुख्य रूप से सिगरेट बनाने में इस्तेमाल होने वाली तंबाकू की एक व्यावसायिक किस्म है। इसकी पत्तियों को नियंत्रित तापमान वाली गर्म हवा के जरिए सुखाया जाता है।
मंत्रालय के अनुसार, इस सहायता से करीब 44,000 तंबाकू उत्पादकों को लाभ होगा और इसके लिए करीब 220 करोड़ रुपये का वित्तीय प्रावधान किया गया है।
यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये भेजी जाएगी।
मंत्रालय ने कहा कि यह एक बार दी जाने वाली सहायता उत्पादकों को तत्काल नकदी उपलब्ध कराने, घरेलू जरूरतें पूरी करने और संस्थागत ऋण चुकाने में मदद करेगी।
इससे वे अगली फसल के लिए जरूरी सामग्री खरीद सकेंगे और निजी स्रोतों से कर्ज लेने पर निर्भरता कम कर सकेंगे।
केंद्र ने यह सहायता ब्याज-मुक्त कार्यशील पूंजी सहायता योजना के तहत मंजूर की है।
मंत्रालय के अनुसार, आंध्र प्रदेश में 2025-26 फसल सत्र की तंबाकू नीलामी 25 मार्च, 2026 को शुरू हुई थी और अब तक करीब 10 करोड़ किलोग्राम एफसीवी तंबाकू की नीलामी हो चुकी है। एफसीवी तंबाकू की खेती मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में होती है।
मंत्रालय ने कहा कि वैश्विक तंबाकू बाजार में मांग के बदलते रुख, वैश्विक घटनाक्रम और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बदलाव का खरीद तथा विपणन स्थितियों पर असर पड़ा है। सरकार खरीद को सुगम बनाने, बाजार में भागीदारी बढ़ाने और निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।
वहीं, केंद्र ने आंध्र प्रदेश में 2025-26 फसल सत्र के लिए पंजीकृत और अपंजीकृत उत्पादकों के अतिरिक्त एफसीवी तंबाकू की बिक्री की भी अनुमति दी है। इसके लिए तंबाकू बोर्ड द्वारा अधिकृत नीलामी केंद्रों का इस्तेमाल किया जाएगा।
वाणिज्य मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, केंद्र ने तंबाकू बोर्ड अधिनियम के एक प्रावधान में ढील देते हुए पंजीकृत उत्पादकों के अतिरिक्त एफसीवी तंबाकू और अपंजीकृत उत्पादकों के अनधिकृत एफसीवी तंबाकू को अधिकृत नीलामी केंद्रों पर बेचने की अनुमति दी है।
भाषा योगेश रमण
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