तिरुवनंतपुरम, 25 सितंबर (भाषा) गर्भनिरोधक उत्पाद बनाने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर ने पिछले साल 162 करोड़ से अधिक कंडोम का उत्पादन किया जो औसतन प्रतिदिन 44.5 लाख कंडोम के बराबर है। छह दशक पहले वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के समय इसकी सालाना क्षमता 14.4 करोड़ कंडोम थी।
‘निरोध’ और ‘मूड्स’ जैसे कंडोम ब्रांड के उत्पादन से जुड़ी कंपनी ने शुक्रवार को बताया कि वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने के समय से वित्त वर्ष 2024-25 तक उसका सालाना कंडोम उत्पादन कई गुना बढ़कर 162.34 करोड़ हो गया।
विश्व गर्भनिरोधक दिवस से एक दिन पहले कंपनी की तरफ से जारी दस्तावेज के मुताबिक, वर्ष 1966 में स्थापना के बाद से अब तक वह 5,500 करोड़ से भी अधिक कंडोम का उत्पादन एवं वितरण कर चुकी है।
वित्त वर्ष 2024-25 में उसके बिक्री राजस्व में गर्भनिरोधक उत्पादों का योगदान 470.48 करोड़ रुपये रहा।
एचएलएल को 1966 में हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड के रूप में स्थापित किया गया था। दस्तावेज के मुताबिक, उस समय देश में कंडोम का बड़ा हिस्सा आयात किया जाता था और वे महंगे भी पड़ते थे। ऐसे में सस्ती कीमत पर देश में गर्भनिरोधक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सार्वजनिक क्षेत्र की यह कंपनी स्थापित की गई।
केरल में प्राकृतिक रबर लेटेक्स की पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए तिरुवनंतपुरम में इसका पहला संयंत्र लगाया गया और 1969 में उत्पादन शुरू हुआ।
इसके शुरुआती उत्पादों में ‘निरोध’ कंडोम शामिल था, जो सरकार के परिवार नियोजन कार्यक्रम का एक चर्चित उत्पाद बना। आगे चलकर एचएलएल के उत्पादों में मौखिक गर्भनिरोधक गोलियां, आपातकालीन गर्भनिरोधक, कॉपर-टी, ट्यूबल रिंग तथा महिला कंडोम भी शामिल हो गए।
कंपनी परिवार नियोजन कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को भी गर्भनिरोधक उत्पादों की आपूर्ति करती है।
एचएलएल ने अपना नया कंडोम ब्रांड ‘मूड्स’ 1987 में पेश किया था। अब वह इस ब्रांड के तहत 30 से अधिक तरह के कंडोम बनाती है। कंपनी ने हाल ही में ‘मूड्स ग्राफीन’ और ‘मूड्स शॉट्ज’ जैसे उत्पाद भी अपने पोर्टफोलियो में जोड़े हैं।
कंपनी ने अपने शोध एवं विकास कार्यों के तहत सप्ताह में एक बार ली जाने वाली गर्भनिरोधक गोली ‘सहेली’ और गर्भाशय में लगाई जाने वाली गर्भनिरोधक प्रणाली ‘एमिली’ का भी उल्लेख किया है।
कंपनी ने कहा कि बदलते समय के साथ युवाओं के बीच गर्भनिरोधक तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी की जरूरत भी बदल रही है। उसने यूएनएफपीए के हवाले से कहा कि 2025 में 8.42 लाख युवाओं ने उसके डिजिटल मंच ‘जस्टआस्क’ के जरिये संबंधित जानकारी हासिल की।
एचएलएल के मुताबिक, उसके स्वास्थ्य संबंधी उत्पाद 100 से अधिक देशों में पहुंचते हैं और वह नए गर्भनिरोधक उत्पादों के विकास को लेकर अपना शोध जारी रखे हुए है।
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प्रेम रमण
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