सरकार ने आरओडीटीईपी योजना का लाभ ई-कॉमर्स निर्यात तक बढ़ाया
सरकार ने आरओडीटीईपी योजना का लाभ ई-कॉमर्स निर्यात तक बढ़ाया
नयी दिल्ली, 28 दिसंबर (भाषा) सरकार ने आरओडीटीईपी योजना के तहत मिलने वाले निर्यात लाभ को डाक या कूरियर के माध्यम से किए जाने वाले ई-कॉमर्स निर्यात तक बढ़ाने की बृहस्पतिवार को घोषणा की।
निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और कर में छूट की योजना (आरओडीटीईपी) के तहत उन करों, शुल्कों और चुंगी को लौटाया जाता है जो निर्यातकों द्वारा माल के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया में खर्च किए जाते हैं और केंद्र, राज्य या स्थानीय स्तर पर उनकी भरपाई नहीं की जाती है।
वाणिज्य मंत्रालय जल्द ही निर्यातकों के लिए योजना के विस्तार के लिए आवश्यक आईटी ढांचा और अन्य सुविधाएं स्थापित करेगा।
वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘हम ई-कॉमर्स के जरिये निर्यात तक आरओडीटीईपी लाभ का दायरा बढ़ा रहे हैं।’’
इस कदम से छोटी एवं मझोली इकाइयों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने में मदद मिलेगी। यह ई-कॉमर्स निर्यात को प्रोत्साहन देकर वर्ष 2030 तक एक लाख करोड़ डॉलर के उत्पाद निर्यात का लक्ष्य पाने के लिए देश से समग्र निर्यात वृद्धि को बढ़ावा देगा।
गोयल ने एमएसएमई के लिए एक हैंडबुक भी जारी की जिसमें ई-कॉमर्स निर्यात पर खास ध्यान दिया गया है। यह हैंडबुक अंग्रेजी, हिंदी, गुजराती और कन्नड़ में उपलब्ध है और इसका अन्य स्थानीय भाषाओं में भी अनुवाद किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ई-कॉमर्स के जरिये निर्यात करने के इच्छुक नए उद्यमियों के लिए एक व्यापक मार्गदर्शिका तैयार करना है।
एक मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे, मददगार सरकारी नीतियों और बढ़ते ऑनलाइन उपभोक्ता आधार के साथ भारत वैश्विक बाजार की विशाल क्षमता का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
भारत की विदेश व्यापार नीति 2023 का घोषित उद्देश्य ई-कॉमर्स निर्यात को प्रोत्साहन देना है। ई-कॉमर्स निर्यात विदेश व्यापार नीति के प्रमुख क्षेत्रों में से एक है।
भाषा प्रेम प्रेम अजय
अजय

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