दुर्लभ खनिज चुंबक योजना के तहत सरकार अनुरोध प्रस्ताव को को दे रही अंतिम रूप: कुमारस्वामी

दुर्लभ खनिज चुंबक योजना के तहत सरकार अनुरोध प्रस्ताव को को दे रही अंतिम रूप: कुमारस्वामी

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  • Publish Date - January 12, 2026 / 07:36 PM IST,
    Updated On - January 12, 2026 / 07:36 PM IST

नयी दिल्ली, 12 जनवरी (भाषा) केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि सरकार दुर्लभ खनिज स्थायी चुंबक के निर्माण को बढ़ावा देने वाली योजना के लिए अनुरोध प्रस्ताव (आरएफपी) को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है। उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से इस बोली प्रक्रिया में भाग लेने का आग्रह किया।

भारी उद्योग और इस्पात मंत्री ने भारत और विदेश के विभिन्न औद्योगिक हितधारकों के साथ इस योजना पर एक परामर्श बैठक की अध्यक्षता की।

कुमारस्वामी ने इस बात पर जोर दिया कि यह योजना ‘विकसित भारत 2047’ के दृष्टिकोण के अनुरूप दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुंबक के लिए एक आत्मनिर्भर, लचीला और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी परिवेश स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भारी उद्योग मंत्रालय ने कहा, ”उन्होंने सभी पात्र घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से इस अवसर का लाभ उठाने और बोली प्रक्रिया में भाग लेकर भारत की दीर्घकालिक विकास गाथा में योगदान देने का आग्रह किया। मंत्री ने यह भी बताया कि मंत्रालय आरपीएफ को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।”

इस बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय के सचिव, परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव, आईआरईएल (इंडिया) लिमिटेड के सीएमडी, एनएमडीसी के निदेशक (तकनीकी), एनएफटीडीसी के निदेशक और भारत एवं विदेश के विभिन्न औद्योगिक हितधारक शामिल हुए।

इस योजना के लिए कुल वित्तीय परिव्यय 7,280 करोड़ रुपये है। इसमें स्थायी चुंबक (आरईपीएम) की बिक्री पर 6,450 करोड़ रुपये का बिक्री आधारित प्रोत्साहन और कुल 600 करोड़ टन प्रति वर्ष की विनिर्माण क्षमता स्थापित करने के लिए 750 करोड़ रुपये की पूंजीगत सब्सिडी शामिल है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण