सरकार ने ईपीएफओ के तहत वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये की, 51 लाख कर्मचारियों को लाभ

सरकार ने ईपीएफओ के तहत वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये की, 51 लाख कर्मचारियों को लाभ

सरकार ने ईपीएफओ के तहत वेतन सीमा बढ़ाकर 25,000 रुपये की, 51 लाख कर्मचारियों को लाभ
Modified Date: September 16, 2026 / 07:18 pm IST
Published Date: September 16, 2026 7:18 pm IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) सरकार ने बुधवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा के लिए वेतन सीमा को मौजूदा के 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये प्रति माह करने को मंजूरी दे दी। इसका उद्देश्य अधिक कर्मचारियों को भविष्य निधि बचत और पेंशन सुरक्षा के दायरे में लाना है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘भविष्य निधि कटौती के लिए अब 25,000 रुपये प्रति माह वेतन की नई सीमा होगी। केंद्रीय मंत्रिमंडल के इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य ईपीएफओ के दायरे में आ सकते हैं।’’

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने कहा, ‘‘संशोधित वेतन सीमा 17 सितंबर, 2026 यानी ‘विश्वकर्मा पूजा’ के दिन से प्रभावी होगी।’’

ईपीएफओ की वेतन सीमा 2004 से 2014 के बीच अपरिवर्तित रही थी और सितंबर, 2014 में इसे बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रति माह किया गया था। सितंबर, 2014 से पहले वेतन सीमा 6,500 रुपये प्रति माह थी।

सरकार ने कहा कि पिछले वर्षों में वेतन और आय में लगातार वृद्धि तथा संगठित क्षेत्र में बढ़े रोजगार को देखते हुए अब इसे बढ़ाकर 25,000 रुपये किया गया है।

इस फैसले से सालाना करीब 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है, जबकि मौजूदा वार्षिक बजटीय सहायता करीब 10,250 करोड़ रुपये है। पांच वर्षों में अनुमानित खर्च करीब 56,696 करोड़ रुपये होगा।

आधिकारिक बयान के अनुसार, ‘‘इस फैसले से अधिक कर्मचारियों को भविष्य निधि बचत, कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) के तहत पेंशन सुरक्षा और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) के तहत बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा।

इस बदलाव से भविष्य निध अंशदान और पेंशन योग्य वेतन की व्यवस्था को मौजूदा वेतन स्तर के अनुरूप बनाने में भी मदद मिलेगी।

फिलहाल 15,000 रुपये से अधिक मासिक वेतन पर नौकरी शुरू करने वाला नया कर्मचारी स्वत: ईपीएफ के दायरे में नहीं आता है। वेतन सीमा बढ़ने से 15,000 से 25,000 रुपये मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हो जाएगा।

सरकार ने कहा कि सितंबर, 2014 में पिछली बार वेतन सीमा बढ़ाए जाने के बाद देश में वेतन और आय में लगातार वृद्धि हुई है तथा संगठित क्षेत्र में भी रोजगार का विस्तार हुआ है। कई राज्यों और क्षेत्रों में न्यूनतम वेतन भी मौजूदा सीमा के करीब पहुंच गया है।

श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ लिखा, ‘‘मंत्रिमंडल का यह फैसला देश के श्रमिकों को व्यापक सामाजिक सुरक्षा और संगठित क्षेत्र के रोजगार को भी गति देगा।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं देश के सभी श्रमिकों को बताना चाहता हूं कि कल विश्वकर्मा पूजा और सेवा दिवस दोनों का पावन अवसर है। यह महत्वपूर्ण फैसला इसी शुभ दिन से लागू होगा।’’

ईपीएफओ दुनिया की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक का संचालन करता है। यह कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ), कर्मचारी पेंशन योजना (ईपीएस) और कर्मचारी जमा संबद्ध बीमा योजना (ईडीएलआई) का संचालन करता है।

ईपीएफओ के ताजा आंकड़ों के अनुसार, करीब 7.98 करोड़ सदस्य लगभग 7.68 लाख प्रतिष्ठानों से जुड़े हैं। ईपीएस के तहत करीब 82 लाख पेंशनधारकों को पेंशन लाभ मिलता है। ईडीएलआई, ईपीएफ सदस्यता से जुड़ा बीमा संरक्षण प्रदान करता है।

भाषा रमण अजय

अजय


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