सरकार ने संवेदनशील ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा घटाकर दो घंटे की

सरकार ने संवेदनशील ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा घटाकर दो घंटे की

सरकार ने संवेदनशील ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा घटाकर दो घंटे की
Modified Date: August 6, 2026 / 09:30 pm IST
Published Date: August 6, 2026 9:30 pm IST

नयी दिल्ली, छह अगस्त (भाषा) सरकार ने सोशल मीडिया मंचों के लिए संवेदनशील मामलों में ऑनलाइन सामग्री हटाने की समय-सीमा 24 घंटे से घटाकर दो घंटे कर दी है। बृहस्पतिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई।

बयान के मुताबिक, इस साल 10 फरवरी को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2021 में संशोधन किए गए थे ताकि कृत्रिम रूप से तैयार जानकारी जैसे डीपफेक और एआई-जनित सामग्री से होने वाले नुकसान से निपटने के लिए नियामकीय ढांचे को मजबूत किया जा सके।

बयान में कहा गया, “इसके अनुपालन के लिए समय-सीमा को और सख्त किया गया है। वैध कारणों के साथ सरकार या अदालत के आदेश मिलने पर अवैध सामग्री हटाने की समय-सीमा 36 घंटे से घटाकर तीन घंटे कर दी गई है। वहीं शिकायत निवारण की समय-सीमा (अश्लीलता एवं प्रतिरूपण जैसे विशेष मामले) 72 घंटे से घटाकर 36 घंटे और 24 घंटे से घटाकर दो घंटे कर दी गई है।”

आईटी नियमों के तहत 50 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं वाले प्रमुख सोशल मीडिया मंचों के लिए यह अनिवार्य किया गया है कि वे उचित तकनीकी उपाय, जैसे स्वचालित उपकरण या अन्य व्यवस्था लागू करें ताकि बलात्कार और बाल यौन शोषण से संबंधित या पहले हटाई जा चुकी समान सामग्री की पहचान सक्रिय रूप से की जा सके।

बयान में यह भी कहा गया कि यदि कोई ऑनलाइन मध्यस्थ इन नियमों के तहत निर्धारित कानूनी दायित्वों का पालन करने में विफल रहता है, तो उसे आईटी अधिनियम की धारा 79 के तहत मिलने वाली ‘सेफ हार्बर’ (कानूनी छूट) समाप्त हो जाएगी और उस पर लागू कानूनों के तहत कार्रवाई या अभियोजन किया जा सकता है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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