नई सार्वजनिक उद्यम नीति को बिना देरी के लागू करे सरकारः संसदीय समिति
नई सार्वजनिक उद्यम नीति को बिना देरी के लागू करे सरकारः संसदीय समिति
नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) संसद की वित्त संबंधी स्थायी समिति ने बृहस्पतिवार को ‘आत्मनिर्भर भारत’ के तहत घोषित नई सार्वजनिक उद्यम (पीएसई) नीति को बिना देरी लागू करने की जरूरत पर जोर दिया है ताकि राजकोषीय अनुशासन और संसाधनों के कुशल उपयोग के लक्ष्य हासिल किए जा सकें।
नई पीएसई नीति के तहत घाटे में चल रहे गैर-रणनीतिक क्षेत्रों के सार्वजनिक उपक्रमों (पीएसयू) का निजीकरण करने या उन्हें बंद करने का प्रावधान है।
हालांकि दिसंबर, 2021 में दिशानिर्देश जारी होने के बाद से किसी भी गैर-रणनीतिक केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम (सीपीएसई) के विनिवेश प्रस्ताव को मंजूरी नहीं मिली है।
चार फरवरी, 2021 को मंत्रिमंडल की स्वीकृति के साथ अधिसूचित इस नीति का उद्देश्य अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में सरकार की हिस्सेदारी को न्यूनतम करना है।
भाजपा नेता भर्तृहरि महताब की अध्यक्षता वाली समिति ने कहा कि नई नीति राजकोषीय सुधार की दिशा में बड़ा बदलाव दर्शाती है, लेकिन इसके ठोस परिणाम सामने आने की गति धीमी है।
संसदीय समिति ने ठोस कदम उठाकर प्रक्रिया तेज करने और राज्यों को दिए जा रहे प्रोत्साहन पैकेज की व्यापक समीक्षा की सिफारिश की, ताकि सुधार प्रक्रिया में उनकी प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
नई पीएसई नीति राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, महत्वपूर्ण अवसंरचना, वित्तीय सेवाओं और अहम खनिजों की उपलब्धता के आधार पर चार रणनीतिक क्षेत्रों को परिभाषित करती है।
इन क्षेत्रों में न्यूनतम सरकारी हिस्सेदारी होल्डिंग कंपनी के स्तर पर बनी रहेगी, जबकि शेष इकाइयों के निजीकरण, उनके विलय या उन्हें बंद करने पर विचार किया जाएगा।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
अजय

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