नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को उद्योग जगत से अपील की कि वे ऐसे उत्पादों की पहचान करें जिन्हें भारत में ही विनिर्मित किया जा सकता है, ताकि आयात पर निर्भरता कम की जा सके।
गोयल ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने और भारतीय उत्पादों की खरीद को प्राथमिकता देने की भी सलाह दी।
व्यापारियों को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा, ‘‘आपको इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि किन वस्तुओं का आयात किया जा रहा है। आपको उसमें भी अवसर दिखाई देंगे कि किन चीजों का निर्माण भारत में किया जा सकता है।’’
गोयल ने हितधारकों से वाणिज्य मंत्रालय के व्यापार पोर्टल के माध्यम से आयात प्रवृत्तियों का अध्ययन करने और घरेलू विनिर्माण तथा आयात प्रतिस्थापन के अवसरों की पहचान करने का आग्रह किया।
मंत्री ने कहा कि रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का निर्यात लगभग पांच प्रतिशत बढ़कर 863.11 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा, “इस वर्ष का लक्ष्य एक हजार अरब डॉलर है। यह एक बड़ा लक्ष्य है। इसके लिए हमें मिलकर काम करना होगा।”
उन्होंने कहा कि उद्योग को गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धात्मकता और उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि अगले पांच साल में सरकार वस्तुओं और सेवाओं के निर्यात को दो हजार अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) भारतीय उत्पादों को तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करेंगे और निर्यात को बढ़ावा देंगे।
ओमान के साथ एफटीए एक जून से लागू होने की संभावना है।
गोयल ने व्यापारियों से केवल ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों को प्रदर्शित करने की अपील की।
भाषा योगेश अजय
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