जयपुर, 29 जुलाई (भाषा) राजस्थान दुलर्भ मृदा तत्व यानी ‘रेयर अर्थ एलिमेंट’ (आरईई) के लिए अन्वेषण अनुमति पत्र जारी करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि यह महत्वपूर्ण खनिजों की खोज की दिशा में ऐतिहासिक पहल है।
बालोतरा और जोधपुर जिलों में 207.63 वर्ग किलोमीटर के इलाके के लिए यह लाइसेंस मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जारी किया गया है जिनके पास खनन विभाग भी है।
आधिकारिक बयान के अनुसार, राजस्थान देश का पहला राज्य है जहां आरईई खोज के लिए मंजूरी पत्र जारी किया गया है। केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण व रणनीतिक खनिजों की खोज व खनन कार्य को गति देने के लिए 2024 में नीलामी शुरू की थी और वर्ष 2025 में पहले चरण में देश में ‘अन्वेषण’ लाइसेंस के लिए नीलामी शुरू हुई।
पहले चरण की नीलामी में केंद्र सरकार द्वारा बालोतरा व जोधपुर के नवातला-देवीगढ़ तहसील पचपदरा और शेरगढ़ के 207.63 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में ‘आरईई-एसोसिएटेड मिनरलाइजेशन’ की सफल नीलामी की गई। यहां लैंथेनम, सीरियम, प्रजोडायमियम, नियोडिमियम जैसे ‘रेयर अर्थ एलिमेंट’ के संकेत हैं।
इसके अनुसार, नीलामी में सेंट्रल माइन एंड डिजाइन इंस्टिट्यूट के सफल रहने पर राज्य सरकार द्वारा खोज लाइसेंस की स्वीकृति जारी की गई। खान विभाग ने कंपनी के साथ करार किया गया है।
भाषा पृथ्वी जोहेब अजय
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