जीएसटी संग्रह फरवरी में 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा

जीएसटी संग्रह फरवरी में 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा

जीएसटी संग्रह फरवरी में 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा
Modified Date: March 1, 2026 / 05:34 pm IST
Published Date: March 1, 2026 5:34 pm IST

नयी दिल्ली, एक मार्च (भाषा) सकल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह फरवरी में सालाना आधार पर 8.1 प्रतिशत बढ़कर 1.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया। आयात से प्राप्त राजस्व में उच्च वृद्धि और घरेलू बिक्री में सुधार का इस बढ़ोतरी में मुख्य योगदान रहा।

इस दौरान सकल घरेलू राजस्व 5.3 प्रतिशत बढ़कर लगभग 1.36 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि आयात से सकल राजस्व 17.2 प्रतिशत बढ़कर 47,837 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

कुल शुद्ध जीएसटी संग्रह 1.61 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 7.9 प्रतिशत अधिक है। कुल रिफंड 10.2 प्रतिशत बढ़कर 22,595 करोड़ रुपये रहा।

शुद्ध उपकर राजस्व 5,063 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल फरवरी में 13,481 करोड़ रुपये था।

सितंबर, 2025 से लगभग 375 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती की गई थी। साथ ही पांच, 12, 18 और 28 प्रतिशत के चार कर स्लैब को मिलाकर पांच और 18 प्रतिशत के दो स्लैब बनाए गए थे। इसके अलावा कुछ चुनिंदा अति-विलासिता की वस्तुओं और तंबाकू उत्पादों के लिए अधिकतम 40 प्रतिशत का स्लैब रखा गया था।

कर कटौती लागू होने के पहले महीने में जीएसटी संग्रह में शुरुआती गिरावट देखी गई और नवंबर में राजस्व घटकर 1.70 लाख करोड़ रुपये रह गया था। इसके बाद दिसंबर में संग्रह बढ़कर 1.74 लाख करोड़ रुपये और जनवरी में 1.93 लाख करोड़ रुपये हो गया।

डेलॉयट इंडिया के भागीदार एम एस मणि ने कहा कि जीएसटी संग्रह के आंकड़े दर्शाते हैं कि उपभोग में हुई बढ़ोतरी ने कर दरों में की गई कटौती की भरपाई कर दी है।

उन्होंने बताया कि तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख राज्यों द्वारा दर्ज की गई नकारात्मक वृद्धि, और पश्चिम बंगाल, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में राष्ट्रीय औसत से कम एकल अंक की वृद्धि चिंता का विषय है।

ग्रांट थॉर्नटन भारत के भागीदार मनोज मिश्रा ने कहा कि चालू वर्ष में अब तक कुल संग्रह 8.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 20.27 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। ये आंकड़े बताते हैं कि उच्च आधार के बावजूद जीएसटी राजस्व मजबूत बना हुआ है।

भाषा पाण्डेय अजय

अजय


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