आईएएमएआई का आरोप, ट्राई ओटीटी मंचों को विनियमित करने की कोशिश कर रहा

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आईएएमएआई का आरोप, ट्राई ओटीटी मंचों को विनियमित करने की कोशिश कर रहा

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  • Publish Date - April 28, 2026 / 09:45 PM IST,
    Updated On - April 28, 2026 / 09:45 PM IST

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (भाषा) उद्योग निकाय आईएएमएआई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि दूरसंचार नियामक ट्राई अनचाही कॉल और संदेशों के नियमों में प्रस्तावित संशोधनों के जरिये व्हाट्सऐप, सिग्नल और टेलीग्राम जैसे ओवर-द-टॉप (ओटीटी) मंचों को विनियमित करने की कोशिश कर रहा है, जो दूरसंचार सेवाओं के दायरे में नहीं आते हैं।

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने फर्जी कॉल पर अंकुश लगाने के लिए विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों के आधार पर बदलावों का प्रस्ताव दिया है।

ट्राई के ‘दूरसंचार वाणिज्यिक संचार ग्राहक वरीयता (तीसरा संशोधन) विनियम, 2026’ के मसौदे में ”फोन डायलर और तृतीय-पक्ष ऐप सहित कॉल प्रबंधन अनुप्रयोगों” के लिए नियम शामिल हैं। उद्योग जगत का मानना है कि इसके दायरे में ओटीटी मंच भी आ जाएंगे।

उद्योग निकाय ने कहा, ”आईएएमएआई ने तर्क दिया है कि ये संशोधन ओटीटी मंचों की कार्यक्षमता को विनियमित करने की कोशिश करते हैं, भले ही वे दूरसंचार सेवाओं के दायरे में नहीं आते हैं। यह क्षेत्राधिकार के उल्लंघन की चिंता पैदा करता है।”

आईएएमएआई ने कहा कि इन संशोधनों के तहत ट्राई को यह शक्ति देना कि वह गैर-अनुपालन करने वाले मध्यवर्ती संस्थानों से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 की धारा 79 के तहत प्राप्त सुरक्षित आश्रय सुरक्षा छीन सके, क्षेत्राधिकार का घोर उल्लंघन है।

भाषा पाण्डेय रमण

रमण