नयी दिल्ली, 17 मई (भाषा) भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) बदलते प्रौद्योगिकी और पेशेवर परिवेश के अनुरूप अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) पाठ्यक्रम में कृत्रिम मेधा (एआई), डेटा विश्लेषण तथा अन्य उभरते विषयों को शामिल करेगा।
देश में लाखों विद्यार्थी आईसीएआई के सीए कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं और संस्थान के पांच लाख से अधिक सदस्य हैं।
आईसीएआई के अध्यक्ष प्रसन्न कुमार डी. ने पीटीआई-भाषा के साथ साक्षात्कार में कहा कि प्रौद्योगिकी अब पेशे का अहम हिस्सा बन चुकी है, इसलिए एआई और डेटा विश्लेषण जैसे विषयों को पाठ्यक्रम में समाहित करना जरूरी हो गया है।
उन्होंने कहा, “इंजीनियरों के लिए एआई एक अलग विषय हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह केवल विषय नहीं बल्कि आवश्यकता है। रोजगार हो या प्रैक्टिस, एआई के बिना कोई चार्टर्ड अकाउंटेंट आगे नहीं बढ़ सकता।”
आईसीएआई ने हाल ही में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की समीक्षा के लिए समिति का गठन किया है। यह समिति पाठ्यक्रम, विषय, संवाद कौशल तथा परीक्षा प्रणाली समेत पूरे ढांचे की समीक्षा कर रही है।
कुमार ने कहा कि समिति दिसंबर तक अपनी सिफारिशें पूरी कर लेगी, जिसके बाद उन्हें सार्वजनिक सुझावों के लिए जारी किया जाएगा।
वर्तमान में सीए पाठ्यक्रम में एआई, डेटा विश्लेषण, पर्यावरण, सामाजिक एवं प्रशासन (ईएसजी) तथा सतत विकास जैसे विषय शामिल नहीं हैं।
पिछले कुछ वर्षों में लेखा पेशे में गैर-वित्तीय रिपोर्टिंग, ईएसजी खुलासे, एआई, डेटा विश्लेषण और फॉरेंसिक ऑडिट का महत्व तेजी से बढ़ा है। इसी को ध्यान में रखते हुए आईसीएआई पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी कर रहा है।
आईसीएआई ने 2023 में शिक्षा एवं प्रशिक्षण की नई योजना शुरू की थी। प्रस्तावित बदलावों को 2028 से लागू किए जाने की संभावना है।
भाषा अजय अजय
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