रायपुर। Private Schools RTE: छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने बड़ा फैसला लेते हुए इस वर्ष शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत प्रवेश नहीं देने के अपने निर्णय को वापस ले लिया है। संगठन के इस फैसले से वंचित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिली है।
Private Schools RTE: एसोसिएशन की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अब 18 मई से प्रदेश के सभी निजी स्कूलों में आरटीई के तहत प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इससे उन अभिभावकों और विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो लंबे समय से प्रवेश को लेकर असमंजस की स्थिति में थे। हालांकि निजी स्कूल प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका असहयोग आंदोलन जारी रहेगा। संगठन ने मांग की है कि सरकार शासकीय स्कूलों में प्रति विद्यार्थी होने वाले खर्च की राशि को सार्वजनिक करे।
एसोसिएशन का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए यह जानकारी सार्वजनिक होना जरूरी है। निजी स्कूल लगातार आरटीई के तहत विद्यार्थियों को शिक्षा दे रहे हैं, लेकिन उन्हें कई प्रशासनिक और आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। निजी स्कूलों के फैसले के बाद अब प्रदेशभर में आरटीई के तहत प्रवेश का रास्ता साफ हो गया है। अभिभावकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि बच्चों का दाखिला समय पर हो सकेगा।