पटसन भंडारण पर रोक के आईजेएमए के प्रस्ताव का ‘बेलर्स’ संघ ने किया विरोध, केंद्र को लिखा पत्र
पटसन भंडारण पर रोक के आईजेएमए के प्रस्ताव का ‘बेलर्स’ संघ ने किया विरोध, केंद्र को लिखा पत्र
कोलकाता, 11 फरवरी (भाषा) पटसन ‘बेलर्स’ के एक संगठन ने कच्चे पटसन के भंडारण पर प्रतिबंध लगाने की इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (आईजेएमए) की सिफारिश का विरोध करते हुए केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय को पत्र लिखा है।
संगठन का कहना है कि यह कदम आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करेगा और किसानों के हितों को नुकसान पहुंचाएगा।
‘बेलर्स’, कच्चा जूट खरीदने-भंडारण करने वाले कारोबारी हैं।
‘जूट बेलर्स एसोसिएशन’ ने मंत्रालय को भेजे पत्र में ‘बेलर्स’ और व्यापारियों द्वारा कच्चे रेशे के भंडारण पर पाबंदी लगाने के आईजेएमए के प्रस्ताव के खिलाफ अपना पक्ष रखा है।
वस्त्र मंत्रालय को दी गई अपने प्रतिवेदन में आईजेएमए ने कच्चे पटसन की अभूतपूर्व कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए निजी स्तर पर कच्चे पटसन के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी।
एसोसिएशन का कहना है कि ऊंची कीमतों के कारण मिल में उत्पादन को घटाना पड़ रहा है और रोजगार जा रहे हैं।
आईजेएमए ने बांग्लादेश को पटसन बीज निर्यात पर रोक लगाने की भी मांग की है।
केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह रविवार को शहर में थे और उन्होंने इस मुद्दे पर बैठक की जिसमें आईजेएमए ने उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
‘बेलर्स’, किसानों से कच्चा पटसन खरीदने, उसकी ‘ग्रेडिंग’ एवं भंडारण करने तथा पूरे साल मिल को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं।
संघ ने तर्क दिया कि भंडारण पर प्रतिबंध लगाने से यह व्यवस्था प्रभावित होगी और बाजार में अनावश्यक उतार-चढ़ाव उत्पन्न होगा।
‘बेलर्स’ संगठन ने वस्त्र मंत्रालय से आईजेएमए की सिफारिश को स्वीकार न करने और कोई भी निर्णय लेने से पहले सभी हितधारकों से परामर्श करने का आग्रह किया है।
संघ का कहना है कि ‘बेलर्स’ द्वारा भंडारण से कीमतें स्थिर रहती हैं और उद्योग को गुणवत्तापूर्ण पटसन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित होती है। अचानक नियामकीय बदलाव का पटसन मूल्य श्रृंखला पर व्यापक असर पड़ सकता है जिसमें किसान, व्यापारी एवं समय पर कच्चे माल पर निर्भर इकाइयां शामिल हैं।
भाषा निहारिका
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