आयात शुल्क मूल्य में फेरबदल के बाद आयातित खाद्यतेल कीमतें मजबूत हुई

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आयात शुल्क मूल्य में फेरबदल के बाद आयातित खाद्यतेल कीमतें मजबूत हुई

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  • Publish Date - March 14, 2026 / 08:51 PM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 08:51 PM IST

नयी दिल्ली, 14 मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया के जारी युद्ध और खाड़ी देशों से मालवाहक जहाजों का आवागमन प्रभावित रहने के बीच देश के तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को सोयाबीन तेल, पाम-पामोलीन तेल जैसे आयातित तेलों के दाम में सुधार आया। मूंगफली, सूरजमुखी से सस्ता होने के कारण सॉफ्ट आयल की मांग बढ़ने से बिनौला तेल कीमत भी मजबूत रहा। दूसरी ओर शनिवार को सुस्त कामकाज के बीच सरसों तेल-तिलहन के दाम में मामूली गिरावट देखी गई। सामान्य कामकाज के बीच सोयाबीन तिलहन तथा मूंगफली तेल-तिलहन के दाम स्थिर बने रहे।

शिकागो एक्सचेंज कल रात दो प्रतिशत मजबूत बंद हुआ था जिस वजह से सोयाबीन तेलों के दाम मजबूत बंद हुए। इसके अलावा सरकार ने खाद्यतेलों के आयात शुल्क मूल्य में भी वृद्धि की है। इस वृद्धि के तहत कच्चे पामतेल (सीपीओ) का आयात शुल्क मूल्य 14 रुपये प्रति क्विंटल, पामोलीन का आयात शुल्क मूल्य 33 रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाया है जबकि सोयाबीन डीगम तेल का आयात शुल्क मूल्य 44 रुपये प्रति क्विंटल घटाया है।

बाजार सूत्रों ने कहा कि शनिवार को बाजार में कामकाज आम तौर पर सुस्त रहता है। लगभग आधी बहुराष्ट्रीय कंपनियों का कामकाज आज बंद रहता है। सरसों में कामकाज की दिशा के बारे में सोमवार को पता लग सकता है। इन परिस्थितियों में कामकाज कमजोर रहने से सरसों तेल-तिलहन के दाम गिरावट के साथ बंद हुए।

उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, युद्ध की स्थिति कायम रहने तथा सरकार के द्वारा आयात शुल्क मूल्य में की गई फेर-बदल तथा शुक्रवार रात शिकागो एक्सचेंज के मजबूत बंद होने की वजह से सोयाबीन तेल, पाम-पामोलीन तेल के दाम सुधार के साथ बंद हुए। हल्के तेलों में सस्ता होने की वजह से मांग बढ़ने के कारण बिनौला तेल कीमत भी मजबूत रहा।

सामान्य मगर सुस्त कामकाज के बीच मूंगफली तेल-तिलहन और सोयाबीन तिलहन के दाम स्थिर रहे। सरकार की सोयाबीन की बिकवाली के फैसले से भी सोयाबीन तिलहन पर दवाब बना हुआ है। सरकार को कम से कम सोयाबीन की बिजाई तक बिक्री रोकने के बारे में सोचना चाहिये ताकि किसानों को अच्छे दाम मिल सकें और बिजाई का रकबा भी प्रभावित नहीं होगा।

तेल-तिलहनों के भाव इस प्रकार रहे:

सरसों तिलहन – 6,700-6,725 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली – 7,000-7,475 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात) – 16,900 रुपये प्रति क्विंटल।

मूंगफली रिफाइंड तेल – 2,680-2,980 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 13,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,350-2,450 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,350-2,495 रुपये प्रति टिन।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 15,550 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 14,900 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 11,950 रुपये प्रति क्विंटल।

सीपीओ एक्स-कांडला- 13,050 रुपये प्रति क्विंटल।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 14,050 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 14,750 रुपये प्रति क्विंटल।

पामोलिन एक्स- कांडला- 13,700 रुपये (बिना जीएसटी के) प्रति क्विंटल।

सोयाबीन दाना – 5,650-5,700 रुपये प्रति क्विंटल।

सोयाबीन लूज- 5,250-5,300 रुपये प्रति क्विंटल।

भाषा राजेश राजेश पाण्डेय

पाण्डेय