गर्मियों में बढ़ सकती है कोयले की मांग, स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार: रेड्डी

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गर्मियों में बढ़ सकती है कोयले की मांग, स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार: रेड्डी

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  • Publish Date - March 14, 2026 / 08:19 PM IST,
    Updated On - March 14, 2026 / 08:19 PM IST

चंद्रपुर, 14 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने शनिवार को कहा कि गर्मी का मौसम शुरू होने के साथ आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने से कोयले की मांग और अधिक बढ़ सकती है, लेकिन सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।

उन्होंने बताया कि कोयला कंपनियां अतिरिक्त उत्पादन कर रही हैं और सरकार लगातार उनसे संपर्क में है ताकि किसी भी बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके।

मंत्री ने कहा, ‘हम सभी कोयले की जरूरतें देश में ही पूरा करते हैं। आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ने से कोयले की मांग और बढ़ सकती है, लेकिन हम इसे पूरा करने के लिए तैयार हैं। गर्मियों में कोयले की मांग बढ़ जाती है। इसी तरह, सर्दियों में हीटर के बढ़ते उपयोग से बिजली की जरूरत बढ़ जाती है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में जहां बिजली की मांग तेजी से बढ़ती है।’

केंद्रीय कोयला और खनिज मंत्री यहां वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के मुरपार भूमिगत कोयला खदान के सतत और वैज्ञानिक बंद करने तथा पुन: उपयोग के कार्यक्रम का उद्घाटन करने आए थे।

अपने दौरे के दौरान उन्होंने खदान के बंद होने से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों और प्रगति की समीक्षा की। इस खदान में 2003 में कोयला उत्पादन शुरू हुआ था और 2022 में इसे बंद कर दिया गया था, जब इसे ताडोबा-अंधारी टाइगर रिजर्व (टीएटीआर) के पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र का हिस्सा घोषित किया गया।

मंत्री ने कहा कि खदान का बंद होना अंत नहीं बल्कि सतत विकास की दिशा में एक नई शुरुआत है।

उन्होंने कहा कि खदान बंद करने की प्रक्रिया को वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से लागू किया जाना चाहिए ताकि पर्यावरणीय संतुलन बहाल किया जा सके और खनन के बाद प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण हो सके।

उन्होंने जोर देकर कहा, ‘स्थानीय समुदायों के हितों को खदान बंद करने की योजनाओं में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। केंद्र सरकार की विभिन्न पहलों के माध्यम से बंद खानों को सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय रूप से उपयोगी संपत्ति में बदलने का प्रयास किया जा रहा है।’

भाषा योगेश पाण्डेय

पाण्डेय