8th Pay Commission in States || Image- IBC24 News File
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने 7वां वेतनमान की अवधि ख़त्म होने के बाद 8वां वेतनमान लागू कर दिया है। (8th Pay Commission in States) हालांकि यह तय नहीं है कि इसका फायदा केंद्रीय कर्मचारियों को सीधे वेतन और पेंशनधारकों को पेंशन के तौर पर मिलेगा या फिर सरकार एरियर्स के रूप में इस बढ़ी हुई राशि का भुगतान करेगी, लेकिन यह तय है कि नए वेतनमान का फायदा कर्मचारियों को नए साल के पहले महीने से ही मिलने लगेगा।
तो यह तो थी केंद्र सरकार और केंद्रीय कर्मचारियों की बात। अब सवाल उठता है कि, आखिर राज्यों में यह नया वेतनमान कब लागू होगा? इससे भी बड़ा सवाल कि, कौन से राज्य अपने कर्मचारियों को इस नए वेतनमान का फायदा सबसे पहले देंगे? हालांकि मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक भाजपा शासित राज्यों में नए वेतनमान को सबसे पहले लागू करने की बात कही जा रही है।
इनमें सबसे पहले असम का नाम आता है। असम 8वां वेतन आयोग स्थापित करने वाला पहला भारतीय राज्य बन गया है। यह नवगठित आयोग राज्य के करीब 7,00,000 सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन की समीक्षा करेगा। (8th Pay Commission in States) इसका ऐलान खुद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने पिछले दिनों किया था।
8वें वेतनमान को लागू करने के लिए असम ने जनवरी 2026 के पहले सप्ताह के भीतर अपना पैनल स्थापित करते हुए तेजी दिखाई। राज्य सरकार ने पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव सुभास दास को इस आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया। इस पैनल को 18 महीनों की समयसीमा के भीतर वेतन और पेंशन संरचना, भत्तों और सेवा शर्तों पर सिफारिशें प्रस्तुत करने का कार्य सौंपा गया है।
असम में लगभग 7,00,000 कार्यरत और सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को इस संशोधन से लाभ होने की उम्मीद है। यदि सिफारिशें तय समय के अनुसार अंतिम रूप दी जाती हैं, तो कार्यान्वयन 2027 के अंत तक या 2028 की शुरुआत में हो सकता है। हालांकि, 1 जनवरी, 2026 से पूर्वव्यापी प्रभाव का संकेत बकाया के भुगतान के लिए दिया गया है।
यदि पिछले वेतन आयोग के संबंध में बात करें तो गुजरात, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने सबसे अधिक तेजी से 7वां वेतनमान को अपने राज्यों में लागू किया था। (8th Pay Commission in States) बात अगर 8वें वेतनमान की करें तो सबसे पहले नाम उत्तर प्रदेश का आता है। इसके बाद महाराष्ट्र राज्य के कर्मचारियों को सबसे पहले लाभ मिल सकता है। इन राज्यों की आर्थिक स्थिति काफी मजबूत है।
सबसे पहले जितने भी केंद्रीय कर्मचारी हैं, उनके लिए 8वें वेतन आयोग की सिफारिश उनके लिए लागू की जाएगी। इसके बाद राज्य की सरकारें इन्हें लागू करेंगी। सरल भाषा में यह कहा जाए तो यह बिल्कुल भी आवश्यक नहीं है कि केंद्र के द्वारा अपने कर्मचारियों पर 8वां वेतन आयोग लागू किया गया है तो राज्य सरकार भी तुरंत आठवां वेतन आयोग लागू कर दे। राज्य सरकार वेतन आयोग लागू करने हेतु अपने तरीके से नियमों को अपनाती हैं, जिसके बाद ही सिफारिशें लागू होती हैं। इसके लिए राज्य सरकारें अलग-अलग वेतन मैट्रिक्स का निर्धारण करेंगी। वर्तमान समय में जो कर्मचारी का वेतन और पेंशन है, उसे बदलने हेतु केंद्र व राज्य फिटमेंट फैक्टर का प्रयोग किया जाएगा। अगर फिटमेंट फैक्टर 2.8 रहता है तो इसे लागू करने के बाद सैलरी 2.56 गुना तक बढ़ सकती है। यानी कर्मचारियों का औसत सैलरी 20 से 25% तक बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।
| राज्य / केंद्र | महंगाई भत्ता (DA) | टिप्पणी / स्रोत |
|---|---|---|
| उत्तर प्रदेश | 58 % | यूपी सरकार ने DA 55% से बढ़ाकर 58% किया (3 % वृद्धि) 1 जुलाई 2025 से। |
| छत्तीसगढ़ | लगभग 58 % | छत्तीसगढ़ में DA में 3 % वृद्धि कर केंद्र समान बनाया गया है। |
| ओडिशा | 58 % | महंगाई भत्ता 55% से बढ़ाकर 58 % किया गया। |
| हरियाणा | 58 % | हरियाणा में DA 55 % से बढ़कर 58 % हुआ। |
| मध्य प्रदेश | लगभग 50–55 % | एमपी में अलग‑अलग श्रेणियों में DA 50 %–55 % के बीच बताया गया (केंद्र से 5 % कम)। |
| राजस्थान | 466 % / 252 % | राजस्थान में 5वें वेतनमान पर DA 466 %, 6वें पर 252 % (महंगाई भत्ते की गणना वेतन संरचना अनुसार)। |
| केंद्रीय सरकारी (संदर्भ) | ~58 % | केंद्र सरकार ने DA 55 % से 58 % किया है (सरकारी कर्मचारियों के लिए)। |