भारत, ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय निवेश संधि पर मिलकर कर रहे काम: गोयल
भारत, ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय निवेश संधि पर मिलकर कर रहे काम: गोयल
नयी दिल्ली, 25 सितंबर (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईसीए) तथा द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर मिलकर काम कर रहे हैं।
इन समझौतों का मकसद दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाना और आर्थिक संबंधों को मजबूत करना है।
ऑस्ट्रेलिया में भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान (आईसीएआई) के पहले ‘ओशिनिया इंटरनेशनल कांफ्रेंस 2026’ को संबोधित करते हुए गोयल ने कहा कि दोनों देश शिक्षा और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा सकते हैं।
दोनों देशों ने 2022 में आर्थिक साझेदारी एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) लागू किया था और अब इस समझौते का दायरा बढ़ाकर इसे सीईसीए में बदलने के लिए बातचीत की जा रही है।
गोयल ने कहा, ‘‘अब हमने एक संतुलित, निष्पक्ष और न्यायसंगत व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते की दिशा में काम करने का फैसला किया है, जो हमारे संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। हम ऑस्ट्रेलिया के साथ द्विपक्षीय निवेश संधि के लिए भी काम कर रहे हैं।’’
बीआईटी दूसरे देशों में किए गए निवेश को संरक्षण प्रदान करती हैं और दोनों देशों के बीच निवेश को बढ़ावा देने में मदद करती हैं।
गोयल ने कहा, ‘‘हम ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच भरोसेमंद साझेदारी चाहते हैं। दोनों देश एक-दूसरे के पूरक हैं। ऑस्ट्रेलिया के पास महत्वपूर्ण खनिज हैं और भारत के पास विनिर्माण एवं प्रसंस्करण को बढ़ाने की महत्वाकांक्षा है। ऑस्ट्रेलिया के विश्वविद्यालय और भारत की युवा प्रतिभाएं एक-दूसरे की पूरक हैं।’’
मंत्री ने दोनों देशों के छात्रों के लिए संयुक्त डिग्री कार्यक्रम शुरू करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाने में आईसीएआई सदस्य सेतु की भूमिका निभा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, सीए एएनजेड और सीपीए ऑस्ट्रेलिया जैसे संस्थान आपसी मान्यता समझौते को अधिक मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, जिससे दोनों देशों के पेशेवरों के लिए अवसर बढ़ेंगे।
सीपीए ऑस्ट्रेलिया और सीए एएनजेड ऑस्ट्रेलिया के दो प्रमुख पेशेवर लेखा संगठन हैं।
भाषा यासिर रमण
रमण

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