भारत जहाजों के पुनर्चक्रण में 2025 के दौरान दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभरा

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भारत जहाजों के पुनर्चक्रण में 2025 के दौरान दुनिया का अग्रणी देश बनकर उभरा

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 07:05 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 07:05 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) भारत पुराने जहाजों के पुनर्चक्रण के वैश्विक बाजार में 2025 के दौरान 35.4 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ दुनिया का शीर्ष देश बनकर उभरा जबकि 2024 में यह 30.1 प्रतिशत थी। सोमवार को एक बयान में यह जानकारी दी गई।

पुराने, अनुपयोगी या सेवा से हट चुके जहाजों को तोड़कर उनके हिस्सों को दोबारा उपयोग में लाने की प्रक्रिया जहाज पुनर्चक्रण कही जाती है।

आधिकारिक बयान में ‘संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन’ (अंकटाड) की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा गया कि भारत में जहाज पुनर्चक्रण 2025 में बढ़कर 29.9 लाख टन हो गया, जो 2024 के 18.6 लाख टन से करीब 60 प्रतिशत अधिक है।

बयान के अनुसार, इस उपलब्धि के साथ ‘मैरीटाइम इंडिया विजन (एमआईवी) 2030’ के तहत भारत के दुनिया का अग्रणी जहाज पुनर्चक्रण देश बनने का लक्ष्य तय समय से पहले ही हासिल कर लिया गया है।

इस अवसर पर बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा, “भारत का वैश्विक स्तर पर शीर्ष जहाज पुनर्चक्रण देश के रूप में उभरना लगातार नीतियों में सुधार, उद्योग के प्रयासों और अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण एवं सुरक्षा मानकों के पालन का परिणाम है।”

उन्होंने कहा कि इससे जिम्मेदार एवं टिकाऊ जहाज पुनर्चक्रण के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय