(8th Pay Commission News/ Image Credit: AI-generated)
नई दिल्ली: 8th Pay Commission News: 8वें वेतन आयोग की दो दिवसीय बैठक आज से लखनऊ में शुरू हो गई है। इस बैठक में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स, रेलवे कर्मचारियों, रक्षाकर्मियों और विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत की जाएगी। आयोग का उद्देश्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों, सुझावों और समस्याओं को समझकर अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करना है। इस बैठक को आयोग की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।
लखनऊ के बाद आयोग की अगली बैठकें 6-7 जुलाई को भुवनेश्वर और 9-10 जुलाई को कोलकाता में आयोजित की जाएंगी। इससे पहले आयोग दिल्ली, लद्दाख और श्रीनगर में भी बैठकों का आयोजन कर चुका है। आयोग विभिन्न राज्यों में जाकर कर्मचारियों और उनके संगठनों से सुझाव जुटा रहा है। इससे संकेत मिलते हैं कि आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
कर्मचारी संगठनों से जुड़े कई अधिकारियों का मानना है कि सरकार को 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट मार्च 2027 तक सौंपी जा सकती है। जिस गति से आयोग बैठकें कर रहा है और सुझाव एकत्र कर रहा है उसे देखते हुए यह संभावना जताई जा रही है कि रिपोर्ट मई 2027 से पहले तैयार हो सकती है। हालांकि रिपोर्ट लागू करने का अंतिम निर्णय केंद्र सरकार की समीक्षा और मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।
कुछ कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों का मानना है कि आयोग जनवरी 2027 तक अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है। अगर ऐसा होता है तो रिपोर्ट पर विचार और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अप्रैल 2027 से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को संशोधित वेतन और पेंशन का लाभ मिल सकता है। हालांकि यह अभी केवल अनुमान है और इसकी आधिकारिक पुष्टि रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही होगी।
आयोग की वेबसाइट पर सुझाव और ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 को समाप्त हो चुकी है। अब आयोग का पूरा ध्यान विभिन्न बैठकों, कर्मचारियों से बातचीत और रिपोर्ट तैयार करने पर रहेगा। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि आयोग तय समय के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप देगा। ऐसे में देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स आने वाले महीनों में वेतन और पेंशन से जुड़ी बड़ी खबर का इंतजार कर रहे हैं।