भारत के संरचनात्मक सुधारों के लिए विश्व बैंक ने 1.5 अरब डॉलर के वित्तपोषण को मंजूरी दी

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भारत के संरचनात्मक सुधारों के लिए विश्व बैंक ने 1.5 अरब डॉलर के वित्तपोषण को मंजूरी दी

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  • Publish Date - June 22, 2026 / 06:18 PM IST,
    Updated On - June 22, 2026 / 06:18 PM IST

नयी दिल्ली, 22 जून (भाषा) विश्व बैंक के कार्यकारी निदेशक मंडल ने निजी क्षेत्र आधारित रोजगार सृजन और आर्थिक वृद्धि को तेज करने के उद्देश्य से भारत के संरचनात्मक सुधारों के समर्थन के लिए 1.5 अरब डॉलर के वित्तपोषण को मंजूरी दी है।

यह वित्तपोषण ‘निजी क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा’ कार्यक्रम के तहत दिया जा रहा है। इससे अगले दो दशकों में कार्यबल में शामिल होने वाले करीब 1.1 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार अवसरों के सृजन में मदद मिलने की उम्मीद है।

विश्व बैंक ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि यह कार्यक्रम हाल के वर्षों में किए गए सुधारों पर आधारित है, जिनमें कर प्रणाली का सरलीकरण, व्यापार एकीकरण, नियामकीय बदलाव और कारोबारी माहौल को बेहतर बनाने के उपाय शामिल हैं।

विकास नीति वित्तपोषण (डीपीएफ) के तहत उद्यमिता में बाधाओं को कम करने, खासकर महिलाओं की श्रम भागीदारी बढ़ाने, व्यापार और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा व्यवसायों के लिए पूंजी तक पहुंच बेहतर करने की पहल को समर्थन दिया जाएगा।

सरकार ने नवंबर, 2025 में 29 श्रम कानूनों को मिलाकर चार व्यापक श्रम संहिताएं लागू की थीं। इसका उद्देश्य अनुपालन को सरल बनाना, पुराने प्रावधानों का आधुनिकीकरण और कारोबार के लिए अधिक प्रभावी ढांचा तैयार करने के साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा भी सुनिश्चित करना है।

विश्व बैंक के उपाध्यक्ष (दक्षिण एशिया) जोहान्स जुट ने कहा, “वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत निजी पूंजी को आकर्षित करने और रोजगार सृजन के लिए अपने सुधार एजेंडा पर अच्छी गति से आगे बढ़ रहा है।”

डीपीएफ कार्यक्रम विश्व बैंक समूह की निजी क्षेत्र इकाई अंतरराष्ट्रीय वित्त निगम (आईएफसी) के हालिया निवेशों के पूरक के रूप में भी काम करेगा, जो एमएसएमई और वंचित समुदायों, खासकर ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों की महिलाओं के लिए ऋण उपलब्धता बढ़ाने पर केंद्रित हैं।

भाषा यासिर प्रेम

प्रेम