चेन्नई, 31 जनवरी (भाषा) भारत – यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होना फुटवियर और चमड़ा उद्योग के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन होगा। चमड़ा निर्यात परिषद (सीएलई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को कहा कि इससे निर्यातकों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
सीएलई के कार्यकारी निदेशक आर सेल्वम ने बताया कि यूरोपीय संघ भारत के फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा बाजार है। भारत के कुल निर्यात में इस क्षेत्र की हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। सीएलई वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत काम करने वाली देश की प्रमुख व्यापार संवर्धन संस्था है।
सेल्वम ने कहा, ”भारत-ईयू एफटीए यूरोपीय संघ में फुटवियर और चमड़ा क्षेत्र के लिए शून्य प्रतिशत आयात शुल्क का प्रावधान करता है। इससे निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे और हमें 2030 तक 14 अरब डॉलर के निर्यात लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।”
उन्होंने संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह समझौता न केवल व्यापार बल्कि निवेश के क्षेत्र में भी भारत और ईयू के बीच सहयोग को बढ़ाएगा। गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ ने 27 जनवरी को इस ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते पर मुहर लगाई थी।
भाषा पाण्डेय
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