बजट में प्रौद्योगिकी कंपनियों ने एआई, नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की मांग की

Ads

बजट में प्रौद्योगिकी कंपनियों ने एआई, नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने की मांग की

  •  
  • Publish Date - January 31, 2026 / 06:42 PM IST,
    Updated On - January 31, 2026 / 06:42 PM IST

नयी दिल्ली, 31 जनवरी (भाषा) प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनियां केंद्रीय बजट 2026-27 में कृत्रिम मेधा (एआई) पारिस्थितिकी तंत्र के विकास, नवाचार और डिजिटल बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के साथ-साथ बाजार में इसके विस्तार के लिए नकदी उपलब्ध कराने के उपायों की उम्मीद कर रही हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को संसद में बजट पेश करेंगी।

संसद में 29 जनवरी को पेश की गई आर्थिक समीक्षा में एआई को महज एक प्रौद्योगिकी की होड़ के बजाय एक आर्थिक रणनीति के रूप में मान्यता दी गई है। इसमें सहयोग और साझा नवाचार को बढ़ावा देने के लिए ‘मुक्त’ और ‘परस्पर क्रियाशील’ प्रणालियों पर आधारित विभिन्न क्षेत्र-विशिष्ट दृष्टिकोण अपनाने की पुरजोर वकालत की गई है।

एआई कंपनी ‘आयोनोस’ के वाइस-चेयरमैन सी पी गुरनानी ने कहा कि आर्थिक समीक्षा में भारत की प्रौद्योगिकी क्षमता और डेटा संपदा का सही चित्रण किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य इंजीनियरिंग क्षमता का लाभ उठाकर किफायती और मानव-केंद्रित एआई बनाने में है, जो स्थानीय चुनौतियों का समाधान कर सके।

लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की सॉफ्टवेयर कंपनी ‘फारआई’ के मुख्य व्यवसाय अधिकारी सूर्यांश जालान ने कहा कि उद्योग को उम्मीद है कि बजट में विश्वसनीयता और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता में सुधार के उपायों पर ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि एआई और उन्नत योजना प्रणालियों के लिए प्रोत्साहन उत्पादकता बढ़ाने के लिए आवश्यक होंगे।

जालान ने कहा कि 2027 तक लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में लगभग एक करोड़ नौकरियां जुड़ने का अनुमान है, ऐसे में प्रौद्योगिकी की तैयारी और कौशल विकास पर ध्यान देना महत्वपूर्ण है।

भाषा सुमित पाण्डेय

पाण्डेय