एफटीए से जुड़े विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत,यूरोपीय संघ के दल लगातार संपर्क में: अधिकारी
एफटीए से जुड़े विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए भारत,यूरोपीय संघ के दल लगातार संपर्क में: अधिकारी
नयी दिल्ली, 14 जनवरी (भाषा) यूरोपीय संघ के शीर्ष नेतृत्व की इस महीने के अंत में भारत यात्रा से पहले प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जुड़े शेष विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए भारतीय और यूरोपीय संघ (ईयू) के दल लगातार संपर्क में हैं। एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
भारत-ईयू शिखर सम्मेलन 27 जनवरी को यहां आयोजित किया जाएगा। यूरोपीय संघ का शीर्ष नेतृत्व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में मुख्य अतिथि के तौर पर भी उपस्थित रहेगा।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने हाल ही में ब्रसेल्स में व्यापार तथा आर्थिक सुरक्षा के लिए यूरोपीय संघ के आयुक्त मारोस सेफकोविक के साथ दो दिवसीय बैठक की थी जिसमें वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई।
ये निरंतर संपर्क महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों पक्ष बातचीत को जल्द से जल्द समाप्त करना चाहते हैं।
अधिकारी ने कहा, ‘‘दोनों पक्ष शेष विवादित मुद्दों को सुलझाने के लिए लगातार बातचीत कर रहे हैं।’’
इन मुद्दों में यूरोपीय संघ का कार्बन कर और कुछ वस्तुओं पर शुल्क में कटौती शामिल है।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने छह-सात जनवरी को ब्रसेल्स में यूरोपीय आयोग की व्यापार महानिदेशक सबाइन वेयंड से भी मुलाकात की थी।
प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को अंतिम रूप देने के लिए अभी तक 16 दौर की बातचीत हो चुकी है।
भारत अपने श्रम-प्रधान क्षेत्रों जैसे कपड़ा एवं चमड़ा के लिए शून्य शुल्क की मांग कर रहा है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ मोटर वाहन, चिकित्सकीय उपकरण, शराब, स्पिरिट, मांस व मुर्गी पालन में महत्वपूर्ण शुल्क कटौती और एक मजबूत बौद्धिक संपदा व्यवस्था की मांग कर रहा है।
भारत और यूरोपीय संघ ने नौ साल से अधिक समय के अंतराल के बाद एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए), निवेश संरक्षण समझौते एवं भौगोलिक संकेतकों पर एक समझौते के लिए जून 2022 में बातचीत फिर से शुरू की थी। बाजार खोलने के स्तर पर मतभेदों के कारण 2013 में वार्ता रुक गई थी।
वित्त वर्ष 2024-25 में यूरोपीय संघ के साथ भारत का द्विपक्षीय व्यापार 136.53 अरब अमेरिकी डॉलर का (जिसमें 75.85 अरब अमेरिकी डॉलर का निर्यात और 60.68 अरब अमेरिकी डॉलर का आयात शामिल था) था जिससे यूरोपीय संघ वस्तुओं का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बन गया।
यूरोपीय संघ का बाजार भारत के कुल निर्यात का करीब 17 प्रतिशत है और यूरोपीय संघ द्वारा भारत को किया जाने वाला निर्यात उसके कुल विदेशी निर्यात का नौ प्रतिशत है।
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते की वार्ता में 23 नीतिगत क्षेत्र या अध्याय शामिल हैं। इनमें वस्तुओं, सेवाओं, निवेश, व्यापार उपचार, उत्पत्ति के नियम, सीमा शुल्क एवं व्यापार सुविधा, प्रतिस्पर्धा, सरकारी खरीद, विवाद निपटान, बौद्धिक संपदा अधिकार, भौगोलिक संकेत और सतत विकास का व्यापार शामिल है।
भाषा निहारिका रमण
रमण

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