पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल की आपूर्ति में आए व्यवधान से भारत अबतक सफलतापूर्वक निपटा : पुरी

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पश्चिम एशिया संकट से कच्चे तेल की आपूर्ति में आए व्यवधान से भारत अबतक सफलतापूर्वक निपटा : पुरी

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 10:11 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 10:11 PM IST

कोलकाता, 28 सितंबर (भाषा) केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोमवार को कहा कि पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज जलडमरूमध्य में उत्पन्न बाधाओं के कारण कच्चे तेल एवं प्राकृतिक गैस की आपूर्ति में आई दिक्कतों से भारत अबतक सफलतापूर्वक निपटा है, लेकिन वैश्विक ऊर्जा स्थिति अब भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।

पुरी ने कहा कि भारत ने कच्चे तेल के आयात के स्रोतों को पहले के 27 देशों से बढ़ाकर 41 देशों तक किया है, जिससे किसी एक क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने का जोखिम कम हुआ है।

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कोई कमी नहीं है। दुनिया में प्रतिदिन करीब 10.4 करोड़ बैरल कच्चा तेल उपलब्ध है, जबकि खपत करीब 9.4 करोड़ बैरल है।

पुरी ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी चिंता रसोई गैस (एलपीजी) की उपलब्धता है। घरेलू एलपीजी कनेक्शन की संख्या 2014 के करीब 14 करोड़ से बढ़कर 33.5 करोड़ हो गई है।

उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी का दैनिक उत्पादन 34,000 टन से बढ़ाकर 54,000 टन किया गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर समय ईंधन की उपलब्धता और उसकी वहनीय कीमत सुनिश्चित करना है। सरकार ने नवंबर, 2021, मई, 2022 और 10 मार्च, 2026 को केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती की, जिससे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 10 रुपये प्रति लीटर की कमी आई।

पुरी ने कहा कि भारत की ऊर्जा मांग वैश्विक औसत से तीन गुना तेजी से बढ़ रही है। पेट्रोलियम क्षेत्र कुल कर राजस्व में करीब 19 प्रतिशत का योगदान देता है, इसलिए ऊर्जा प्रबंधन में किसी बड़े व्यवधान का व्यापक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है।

भाषा योगेश अजय

अजय