नयी दिल्ली, 15 अगस्त (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत महत्वपूर्ण खनिजों की सुरक्षा के लिए सक्रिय रूप से कदम उठा रहा है और इन संसाधनों की आपूर्ति शृंखला मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ समझौते किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देश महत्वपूर्ण खनिजों की तलाश में भारत के प्रयासों पर अब भरोसा जता रहे हैं।
मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पूरा प्रौद्योगिकी क्षेत्र महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्भर है।
उन्होंने कहा, ‘‘महत्वपूर्ण खनिजों को लेकर चर्चा हो रही है… महत्वपूर्ण खनिजों के लिए लक्ष्य साझा किए जा रहे हैं। हमने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है। बजट में महत्वपूर्ण खनिज गलियारे की घोषणा की गई है।’’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘कई देशों के साथ समझौते किए जा रहे हैं। दुनिया के कई देश महत्वपूर्ण खनिजों की इस खोज में भारत पर भरोसा कर रहे हैं।’’
सरकार ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन (एनसीएमएम) के लिए 16,300 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं, जबकि सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से 18,000 करोड़ रुपये के योगदान की उम्मीद है। इस मिशन का उद्देश्य देश में महत्वपूर्ण खनिजों की खोज को भी बढ़ावा देना है।
तांबा, लिथियम, निकेल, कोबाल्ट और दुर्लभ मृदा तत्व जैसे महत्वपूर्ण खनिज स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के लिए आवश्यक कच्चे माल हैं। इनका इस्तेमाल पवन टर्बाइन, बिजली नेटवर्क, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में होता है।
भाषा यासिर पाण्डेय
पाण्डेय