भारत-जापान व्यापार समझौते का दायरा बढ़ने की उम्मीद : गोयल
भारत-जापान व्यापार समझौते का दायरा बढ़ने की उम्मीद : गोयल
नागोया, 26 अगस्त (भाषा) वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार को कहा कि उन्होंने अपने जापानी समकक्ष के साथ दोनों देशों के मौजूदा व्यापार समझौते की समीक्षा पर चर्चा की है और दोनों देश इसके दायरे के विस्तार की उम्मीद कर रहे हैं।
भारत और जापान ने अगस्त, 2011 में व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) को लागू किया था। भारत लंबे समय से द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन बनाने के लिए इस समझौते की समीक्षा की मांग करता रहा है।
गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने अपने समकक्ष मंत्री के साथ भी इस पर चर्चा की है और हम इस संबंध के विस्तार के लिए समझौते का दायरा बढ़ाने तथा नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की उम्मीद कर रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि अभी समझौते की समीक्षा के लिए संदर्भ शर्तों पर काम शुरू नहीं हुआ है, लेकिन दोनों पक्ष चर्चा के बाद सहयोग के दायरे और स्तर को बढ़ाने के लिए तैयार होंगे।
गोयल 24 अगस्त से जापान की चार दिवसीय यात्रा पर हैं और 200 से अधिक प्रतिनिधियों वाले भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत और जापान ने व्यापार को अधिक संतुलित बनाने की जरूरत पर भी चर्चा की है। दोनों देशों के बीच 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 9.18 प्रतिशत बढ़कर 27.47 अरब डॉलर हो गया, जो 2024-25 में 25.16 अरब डॉलर था।
गोयल ने कहा कि आयात को केवल आंकड़ों के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि यह भी देखना होगा कि भारत किन वस्तुओं का आयात कर रहा है।
उन्होंने कहा कि मशीनरी और उपकरण जैसे कई आयात देश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में मदद करते हैं।
मंत्री ने कहा कि उन्होंने विभिन्न उद्योगों से जापान को निर्यात में आ रही दिक्कतों की जानकारी देने को कहा है। इनमें कई समस्याएं प्रक्रिया, भाषा और समय से जुड़ी हैं तथा भारतीय दूतावास इन क्षेत्रों में उद्योगों की मदद के लिए तैयार है।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय निर्यातकों को जापान समेत विभिन्न देशों में अपने उत्पादों के पंजीकरण और नियामकीय जरूरतें पूरी करने में भी मदद कर रहा है।
गोयल ने कहा कि दवा उद्योग से भी दुनिया भर के बाजारों में अपने उत्पादों का पंजीकरण कराने की दिशा में काम करने को कहा गया है।
जापान ने अगले एक दशक में भारत में 10 लाख करोड़ येन (करीब सात लाख करोड़ रुपये) निवेश करने का लक्ष्य रखा है।
गोयल ने बताया कि इस लक्ष्य के तहत भारत को अब तक करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश मिल चुका है।
भाषा योगेश अजय
अजय

Facebook


