अगले वित्त वर्ष में सात प्रतिशत की वृद्धि दर की राह पर लौट सकता है भारत : मुख्य आर्थिक सलाहकार
अगले वित्त वर्ष में सात प्रतिशत की वृद्धि दर की राह पर लौट सकता है भारत : मुख्य आर्थिक सलाहकार
नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने शुक्रवार को कहा कि वृहद आर्थिक स्थिरता और आपूर्ति संबंधी उपायों से भारत वित्त वर्ष 2027-28 में फिर से सात प्रतिशत की वृद्धि दर की राह पर लौट सकता है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने जोड़ा कि यह बाहरी परिस्थितियों में सुधार पर निर्भर करेगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुमानों पर इस समय सवाल उठाने का कोई कारण नहीं है, क्योंकि दिए गए आंकड़ों में ऊपर और नीचे दोनों दिशाओं में संभावनाएं मौजूद हैं।
नागेश्वरन ने कहा, “यदि वृद्धि दर आरबीआई के अनुमान के अनुसार सात प्रतिशत से नीचे भी जाती है, तो वृहद आर्थिक स्थिरता के उपाय और आपूर्ति संबंधी कदम हमें वित्त वर्ष 2027-28 में फिर से या बाहरी परिस्थितियों में जैसे ही सुधार हो, सात प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर की राह पर ला सकते हैं।’’
उन्होंने यह भी कहा कि ये अनुमान इस धारणा पर आधारित है कि 28 फरवरी से पहले की स्थिति वित्त वर्ष 2027-28 से पहले बहाल हो जाएगी।
नागेश्वरन ने कहा कि यदि वर्तमान परिस्थितियां बनी रहती हैं, तो अगले वित्त वर्ष के अनुमानों की फिर से समीक्षा की जाएगी।
बाजार मूल्य पर सकल घरेलू उत्पाद का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह उचित अनुमान होगा कि यह बजट 2027 में अनुमानित 10.1 प्रतिशत से अधिक रहेगी, क्योंकि खुदरा मुद्रास्फीति में वृद्धि का रुझान देखा जा रहा है।
नागेश्वरन ने कहा, “अच्छी खबर यह है कि बाजार मूल्य पर जीडीपी वृद्धि बजट के अनुमान 10.1 प्रतिशत से काफी अधिक रहने की संभावना है।”
भाषा योगेश अजय
अजय

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